संसद के मानसून सत्र का आज समापन हो गया, दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई, 31 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र का अधिकांश समय विपक्ष के हंगामे और शोर शराबे के कारण बाधित हुआ, दोनों सदनों में निर्धारित समय से बहुत कम समय ही चर्चा हो सकी, आसंदी को कई बार कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा, इस बीच कई महत्व्पुर्ब कम चर्चा या फिर बिना चर्चा के पारित हो गए।
31 जुलाई से 21 अगस्त तक चले संसद के मानसून सत्र का आज समापन हो गया, दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पहले दिन से शुरू हुआ गतिरोध आज भी जारी रहा, विपक्ष का हंगामा जारी रहा, सरकार से एसआईआर पर चर्चा कराने की मांग जारी रही, अंतिम दिन तो वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे भी विपक्षी सांसदों ने लगाये, शोर शराबे के बीच अंत में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
विपक्ष के नए सांसदों को उनकी पार्टी के नेताओं ने बोलने नहीं दिया
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मानसून सत्र को देश के लिए और सरकार के लिए फायदेमंद बताया वहीं विपक्ष के लिए नुकसानदायक बताया, मीडिया से बात करते हुए रिजिजू ने कहा जो ने सांसद हैं उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला, उन्होंने कहा जब सत्र चल रहा होता है तो सभी सांसद अपने क्षेत्र की जनता की बात रखना चाहते हैं समाज की बात रखना चाहते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
विपक्ष के सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिला, उनके नेता जिम्मेदार
किरेन रिजिजू ने कहा इस बार विपक्ष के सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिला और इसके लिए विपक्ष ही जिम्मेदार है उनके नेता ही जिम्मेदार है इन लोगों ने सदन को बहुत बाधित किया महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा के लिए जितना समय निर्धारित था उसमें चर्चा में हिस्सा नहीं लिया उन्होंने सदन की कार्यवाही में हिस्स लेने वाले सांसदों को धन्यवाद दिया।
शुभांशु शुक्ला का भी अभिनन्दन नहीं कर सका विपक्ष
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा मुझे इस बात का दुःख है कि हमारे देश के पहले अंतरिक्ष यात्री जो इंटर नेशनल स्पेस स्टेशन में गए हैं कैप्टन सुभांशु शुक्ला का अभिनन्दन करने के लिए जो चर्चा का समय रखा था उस पर विपक्ष ने चर्चा नहीं होने दी, उन्होंने कैप्टन शुक्ला को बधाई भी नहीं दी ये बहुत गलत व्यवहार है।
BJP तो लंबे समय तक विपक्ष में रही लेकिन ऐसा व्यवहार नहीं किया
विपक्ष के हंगामे और शोर शराबे का जिक्र करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तो लंबे समय तक विपक्ष में रही है केवल मोदी जी और अटल जी की सरकार में ही हमें सत्ता में आने का मौका मिला, हमने कम समय ही सरकार चलाई है लेकिन हमने हमेशा विरोध करते समय ये धान में रखा कि कहीं किसी को चोट न लगे, गलत भाषा ना बोलें।
…तो हमने बिलों को पारित कर दिया
अच्छा सत्र चलाने की इच्छा थी, लेकिन विपक्ष ने बहुत व्यवधान डाला, हमने बहुत समय दिया, बार बार बुलाया कि चर्चा में भाग लीजिये लेकिन जब नहीं माने तो जनता का ध्यान रखकर हमने बिलों को पारित कर दिया, किरेन रिजिजू ने कहा आप विरोध कर अपनी बात रखिये लेकिन सदन को रोक नहीं सकते, सरकार के कामकाज को रोक नहीं सकते, सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है अपना काम करके ही रहेगी इसलिए कई बिल कम चर्चा के मजबूरी में शोर शराबे के बीच पारित करने पड़े ये जनता के हित में थे ।
इस बार का मानसून सत्र सरकार के लिए बहुत ही उपयोगी रहा। इस बार विपक्ष के सदस्यों को बोलने का मौका नहीं मिला, जिसके लिए जिम्मेदार विपक्ष स्वयं है : संसदीय कार्य मंत्री @KirenRijiju #MonsoonSession2025 @LokSabhaSectt pic.twitter.com/pHMw5K71aD
— SansadTV (@sansad_tv) August 21, 2025
हम लोग तो जीवनभर विपक्ष में रहे हैं। बहुत कम समय हमें सरकार चलाने का मौका मिला, पर हम सरकार का विरोध करते समय यह ध्यान रखते थे कि किसी को कोई चोट न लगे और न ही किसी तरह की गलत भाषा का उपयोग हो: संसदीय कार्य मंत्री @KirenRijiju#MonssonSession2025 @LokSabhaSectt pic.twitter.com/atEih4jT1D
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