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विपक्ष के हंगामे पर भड़के लोकसभा स्पीकर, बोले- “आपका आचरण संसदीय नहीं, सड़क जैसा”, दी बड़ी चेतावनी

Written by:Atul Saxena
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लोकसभा में विपक्ष के हंगामे पर लोकसभा स्पीकर भड़क गए उन्होंने सांसदों के व्यवहार और आचरण पर सख्त टिप्पणी करते हुए उसे सड़कों वाला बताया और उनकी पार्टियों के नेताओं से कहा कि ये देश देख रहा है लेकिन स्पीकर की टिप्पणी के बाद भी हंगामा जारी रहा।
विपक्ष के हंगामे पर भड़के लोकसभा स्पीकर, बोले- “आपका आचरण संसदीय नहीं, सड़क जैसा”, दी बड़ी चेतावनी

संसद के मानसून सत्र तीसरे दिन की शुरुआत भी आज हंगामे के साथ हुई, बुधवार को लोकसभा में एक बार फिर विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण का मुद्दा उठाया और हंगामा शुरू कर दिया, स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें शांत होकर अपनी सीट पर बैठने के कई बार निर्देश दिए लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा जिसपर स्पीकर भड़क गए और एक सख्त टिप्पणी विपक्ष के आचरण को लेकर की और फिर कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

21 जुलाई से जब से मानसून सत्र शुरू हुआ है विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है, पहले दिन भी हंगामा हुआ, कल मंगलवार को विपक्ष ने बिहार में चुनाव आयोग के SIR पर हंगामा किया तख्तियां लेकर संसद परिसर में और संसद में शोर किया हंगामा किया और आज बुधवार को हंगामा जारी रहा।

बुधवार को लोकसभा में प्रश्नकाल चल रहा था इस दौरान बिहार में रेल परियोजनाएँ विषय पर चर्चा हो रही थी तभी विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा की मांग की और हंगामा शुरु कर दिया, स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को कई बार प्लीज कहते हुए शांत रहने का अनुरोध किया लेकिन विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा जिसपर ओम बिरला भड़क गए।

हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों को चेयर से नसीहत 

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नाराज होते हुए कहा, मैं आपसे आग्रह करता हूँ, संसद हमारे गौरवशाली लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है। मेरा आपसे आग्रह रहता है कि संसद और संसद परिसर के अंदर आपका आचरण, व्यवहार, कार्यपद्धति मर्यादित रहना चाहिए। देश की जनता ने आपको यहां पर उनकी आवाज, उनकी चुनौतियों, उनकी अपेक्षाएं, उनकी कठिनाई और देश के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भेजा है।

स्पीकर की चेतावनी- मुझे निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी 

लोकसभा स्पीकर ने आगे कहा कि आपका जो व्यवहार है जो आचरण है वो सड़कों का है, ये आचरण और व्यवहार आप संसद में कर रहे हैं। ये देश देख रहा है। मैं सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से कहता हूं कि देश उनके सदस्यों के आचरण को देख रहा है। मैं फिर कह रहा हूं कि सदन में तख्तियां लेकर आने वालों पर मुझे निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी। आप जाइए, सदन में बैठिए और मुद्दों पर चर्चा कीजिए। नियमों के तहत चर्चा करने का अवसर सभी को दिया जायेगा, आप माननीय हो तो माननीय जैसा व्यवहार करो,  इसके बाद लोकसभा स्पीकर ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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