IRCTC के साथ बनाइये नेपाल घूमने का प्लान, यहाँ देखिये जनवरी, फरवरी और मार्च का पूरा टूर शेड्यूल

IRCTC Nepal Tour

IRCTC Nepal Tour : हिमालय की गोद में बसे नेपाल की खूबसूरती को नजदीक से देखने का यदि आपने सपना कब्भी देखा है तो मान लीजिये कि इसके सच होने का समय आ गया है, आईआरसीटीसी ने आपको नेपाल के टूर पर लेकर जाने का  शेड्यूल जारी किया है आप इसका हिस्सा बनकर अपने सपने को पूरा कर सकते हैं।

जनवरी, फ़रवरी और मार्च की इन तारीखों में जायेगा टूर  

इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिजम कारपोरेशन ने एक एयरटूर एनाउंस किया है जो आपको नेपाल की खूबसूरत वादियों की सैर पर लेकर जाएगा, ये टूर 5 रात 6 दिन का है जो जनवरी, फरवरी और मार्च में अलग अलग तारीखों में जायेगा, जनवरी में नेपाल टूर 9 जनवरी को , फरवरी में 12 फरवरी को और मार्च में 4 मार्च को मुंबई से शुरू होगा।

टूर पर जाने वालों को मुफ्त मिलेगा ब्रेकफास्ट और डिनर 

इस टूर पर जाने वाले यात्री को हवाई जहाज के कम्फर्ट क्लास में यात्रा कराई जाएगी, इसे ब्रेकफास्ट और डिनर मुफ्त दिया जायेगा , लेकिन याद रहे हवाई जहाज में केवल 35 यात्रियों के लिए ही सीट है इसलिए जिसे भी नेपाल घूमने जाना है वो जल्दी से अपनी सीट रिजर्व करवा ले।

पर्यटकों को इतना देना होगा किराया  

IRCTC ने नेपाल टूर के लिए किराये की भी घोषणा की है , यदि एक व्यक्ति टूर पर जाता है तो उसे 52,300/- रुपये का टिकट खरीदना होगा, दो लोगों के लिए किराया 44,800/- रुपये प्रति व्यक्ति होगा और तीन व्यक्तियों के लिए 44,100/- रुपये प्रति व्यक्ति किराया लगेगा , बच्चों का टिकट अलग से लेना होगा।

ये है नेपाल की खासियत 

आपको बता दें कि नेपाल हिमालय की गोद में बसा दक्षिण एशिया का एक देश है जिसकी सीमा चीन और भारत से लगती है। नेपाल को दुनिया की सबसे ऊँची पर्वत छोटी माउन्ट एवरेस्ट और गौतम बुद्ध की जन्म स्थली लुंबिनी का देश भी कहा जाता है। नेपाल पर्वतारोहियों और साहसिक पर्तन से जुड़े खेलों का जूनून रखने वाले और पहाड़ी बर्फीली वादियों में घूमने के शौक़ीन पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews