Hindi News

PM Modi का आह्वान विदेशी चीजों का उपयोग नहीं करें, कहा- देश को बचाना सिर्फ सैनिक की नहीं नागरिकों की भी जिम्मेदारी

Written by:Atul Saxena
Published:
पीएम मोदी ने कहा कि हमने 22 मिनट में आतंकवादियों के 9 ठिकानों को भारत ने ध्वस्त कर दिया इस बार तो कैमरों की व्यवस्था की थी क्योंकि हमारे घर में कोई सबूत ना मांगे अब सामने वाला सबूत दिखा रहा है
PM Modi का आह्वान विदेशी चीजों का उपयोग नहीं करें, कहा- देश को बचाना सिर्फ सैनिक की नहीं नागरिकों की भी जिम्मेदारी

गुजरात दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलग ही रूप दिखाई दे रहा है, वो केवल पाकिस्तान को ही चेतावनी नहीं दे रहे बल्कि विश्व के देशों को भारत की ताकत का अहसास करा रहे हैं, विश्व की चौथी अर्थ व्यवस्था बन जाने के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी ने देश को तीसरी अर्थ व्यवस्था बनाने पर फोकस शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी आज गांधीनगर पहुंचे यहाँ उन्होंने कहा मैं दो दिन से गुजरात में हूं। कल वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद और आज गांधीनगर में हूं। मैं जहां-जहां गया वहां गर्जना करता सिंदूरिया सागर और लहराता तिरंगा जन-जन के हृदय में मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम और देशभक्ति का ज्वार देखने को मिल रहा है। ये दृश्य सिर्फ गुजरात में नहीं है, हिंदुस्तान के कोने-कोने में है, हर हिंदुस्तानी के दिल में है।

सरदार पटेल की बात मान ली होती तो आज ये देखने को नहीं मिलता 

मोदी ने कहा 1947 में मां भारती के टुकड़े हुए। कटनी चाहिए थी जंजीरें लेकिन काट दी गईं भुजाएं। देश के तीन टुकड़े कर दिए गए और उसी रात पहला आतंकी हमला कश्मीर की धरती पर हुआ। मां भारती का एक हिस्सा आतंकवादियों के बलबूते पर, मुजाहिदीनों के नाम पर पाकिस्तान ने हड़प लिया। अगर उसी दिन इन मुजाहिदीनों को मौत के घाट उतार दिया गया होता और सरदार पटेल की बात मान ली गई होती, तो 75 साल से चला आ रहा ये सिलसिला (आतंकी घटनाओं का) देखने को नहीं मिलता।

पाकिस्तान पर गरजे, किया बेनकाब 

पहलगाम हमले के जवाबी कार्रवाई में  हमरी सेनाओं के शौर्य का यशगान करते हुए मोदी ने पाकिस्तान को बेनकाब किया, उन्होंने कहा 6 मई की रात जो लोग मारे गए, पाकिस्तान में उन जनाजों को स्टेट ऑनर दिया गया। उनके ताबूतों पर पाकिस्तान के झंडे लगाए गए, वहां की सेना ने उनको सैल्यूट किया। ये सिद्ध करता है कि आतंकवादी गतिविधि प्रॉक्सी वॉर नहीं है, ये आपकी (पाकिस्तान) सोची-समझी युद्ध की रणनीति है, आप वॉर ही कर रहे हैं, तो उसका जवाब भी वैसे ही मिलेगा।

26 मई 2014 को याद किया जब पीएम पद की शपथ ली  

पीएम मोदी ने कहा कल 26 मई थी, 2014 में 26 मई को मुझे पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने का अवसर मिला। उस समय, भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में 11वें स्थान पर थी। हमने कोरोना से लड़ाई लड़ी, पड़ोसियों से भी मुसीबतें झेलीं, प्राकृतिक आपदा भी झेली इसके बावजूद इतने कम समय में हम 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था से चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था बने। क्योंकि हम विकास चाहते हैं, प्रगति चाहते हैं।

विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार की अपील 

प्रधानमंत्री ने कहा हमने अभी सैन्य बल की मदद से पाकिस्तान को परास्त किया लेकिन अब सिलसिला जन बल से आगे बढ़ेगा, यानि अब देश का जन जन अपना दायित्व संभाले जिम्मेदारी समझे, उन्होंने कहा कि हम इतना तय कर लें कि 2047 में जब भारत की आजादी के 100 साल होंगे तब हम विकसित भारत बनाने के लिए हमारी अर्थ व्यवस्था को चार नंबर से तीन नंबर पर ले जाने के लिए विदेशी वस्तुओं का उपयोग नहीं करेंगे।

देश को बचाने की जवाबदारी जन जन की भी  

मोदी ने कहा किहम गाँव गाँव जाकर व्यापारियों को शपथ दिलवाएं कि चाहें कितना भी मुनाफा क्यों ना हो आप विदेशी मॉल नहीं बेचोगे दुर्भाग्य देखिये गणेश जी भी विदेश से आते हैं होली के रंग भी विदेश से आते हैं, उन्होंने जनता से कहा  कहा घर जाकर सूची बनाना और देखना कि एक दिन में कितनी विदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करते हैं मोदी ने कहा कि यदि देश को बचाना है तो ये सिर्फ सीमा पर तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है ये देश के 140 करोड़ नागरिकों की जिम्मेदारी है तभी देश बचेगा भी और बढ़ेगा भी।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews