लड़ाकू विमानों को लेकर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, अब भारत बनाएगा अपना फाइटर जेट इंजन

लड़ाकू विमानों को लेकर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, अब भारत बनाएगा अपना फाइटर जेट इंजन

79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि भारत न केवल अपने फाइटर जेट्स बनाए, बल्कि उनके इंजन भी खुद विकसित करे। पीएम मोदी ने इस पहल को भारत की रणनीतिक और रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत तेजस जैसे फाइटर जेट बना रहा है, लेकिन इंजन के लिए अब भी विदेशी कंपनियों पर निर्भर है। यह निर्भरता खत्म करनी होगी। उन्होंने देश के युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और रक्षा उत्पादन से जुड़े विभागों से आग्रह किया कि अब भारत के फाइटर जेट्स पूरी तरह ‘Made in India’ होने चाहिए।

आत्मनिर्भरता मजबूरी नहीं, अब है ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में “स्वदेशी को मजबूरी नहीं, मजबूती” बताते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि वे भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने छोटे दुकानदारों से अपील की कि अपनी दुकानों पर ‘स्वदेशी माल उपलब्ध है’ जैसे बोर्ड लगाएं। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों के पसीने और भारत की मिट्टी से बनी चीज़ें ही असली आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। आत्मनिर्भर भारत सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है।

तकनीकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की नई दिशा

प्रधानमंत्री ने आधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता को ज़रूरी बताया। उन्होंने IT, साइबर सुरक्षा, ऑपरेटिंग सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी विकास की ज़रूरत को रेखांकित किया। साथ ही EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) युग की बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईवी बैटरियों, सोलर पैनल्स और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जो भी आवश्यक तकनीक और उत्पाद हैं, वो अब भारत में ही बनने चाहिए। उनका विश्वास है कि भारत का युवा इन तकनीकों में इनोवेशन और प्रोडक्शन में नेतृत्व कर सकता है।

लड़ाकू विमानों के निर्माण में भारत की बड़ी छलांग

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विज़न को साकार करने में रक्षा क्षेत्र सबसे आगे है। इसी क्रम में भारत अब हर साल 24 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) का निर्माण करने जा रहा है।
अभी तक बेंगलुरु में HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) की दो प्रोडक्शन लाइनें थीं जिनकी संयुक्त क्षमता 16 LCA प्रति वर्ष थी। अब नासिक में तीसरी LCA निर्माण लाइन शुरू की गई है, जिससे 8 और विमानों का उत्पादन सालाना हो सकेगा। यह न केवल भारत की सैन्य क्षमता को मज़बूत करेगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को भी नई ऊंचाई देगा। नासिक पहले मिग और सुखोई असेंबली के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह भारत के रक्षा उत्पादन का नया केंद्र बन गया है।

लाल किले की प्राचीर से पीएम का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में आत्मनिर्भरता की गूंज हर क्षेत्र में सुनाई दी, पीएम के भाषण से रक्षा से लेकर तकनीक तक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनते जा रहा है। फाइटर जेट इंजन को भारत में बनाने की घोषणा न केवल एक तकनीकी चुनौती है, बल्कि यह भारत की संप्रभुता, रणनीतिक ताकत और वैश्विक प्रतिष्ठा से भी जुड़ी हुई है। प्रधानमंत्री का यह भाषण सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा है। जहां हर तकनीक, हर हथियार, और हर समाधान भारत में बनेगा, भारत के लिए और भारत द्वारा ही आत्मनिर्भर का खास कदम होगा।

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