PM Modi in France: फ्रांस में चलेगा भारत का रुपया, UPI के इस्तेमाल पर दोनों देशों के बीच मंजूरी, Eiffel Tower से मोदी करेंगे शुरुआत

Shiv shakti

PM Modi In France: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में भारतीयों को संबोधित करते हुए इस बात की घोषणा की है कि बहुत जल्द भारतीय फ्रांस में यूपीआई का इस्तेमाल करते हुए भुगतान कर सकेंगे। इसकी शुरुआत एफिल टॉवर से होगी और फ्रांस के साथ इस पर समझौता हो चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि इस फैसले के साथ भारतीय नवाचार के लिए बड़ा बाजार खुलने वाला है और उन्होंने भारतीयों से बड़ी मात्रा में देश में निवेश करने की बात भी कही है। संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि सभी रेटिंग एजेंसियों में फिलहाल भारत चमकता हुआ सितारा बना हुआ है, ऐसे में यह निवेश का अच्छा समय है।

पांच साल का वीजा

फ्रांस में भारत माता की जय और मोदी-मोदी के नारों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनता ने अभूतपूर्व तरीके से स्वागत किया। इस दौरान फ्रांस में यूपीआई शुरू होने के अलावा पीएम मोदी ने फ्रांस में महान तमिल दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की है। इसी के साथ उन्होंने फ्रांस में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे छात्रों को 5 साल का दीर्घ कालीन वीजा दिए जाने की घोषणा की है।

ये देश अपना चुके हैं UPI

साल 2022 में नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने फ्रांस की भुगतान प्रणाली के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। 2023 में यूपीआई और सिंगापुर के PayNow के बीच एक समझौता हुआ। इसके चलते दोनों देशों के उपयोगकर्ताओं को सीमा पार लेनदेन करने की सुविधा दी गई है। भूटान, नेपाल और यूएई में पहले से ही यूपीआई प्रणाली को अपना लिया गया है। अमेरिका, पश्चिमी एशिया और यूरोपीय देशों में इसके लिए फिलहाल बातचीत चल रही है।

बदल रही भारत की क्षमता और भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व भर में भारत की भूमिका और क्षमता बदल रही है। जी-20 देशों की अध्यक्षता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार किसी देश के कोने कोने में 200 से ज्यादा बैठक हो रही है। इस दौरान जी-20 समूह के सामने भारत का सामर्थ्य दिखाई दे रहा है।

5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हजारों वर्षों के इतिहास के साथ भारत का अनुभव और विश्व कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों का दायरा बहुत बड़ा है। लोकतंत्र की जननी और विविधता का प्रतीक भारत 10 सालों में दुनिया की दसवीं से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यह भारतीयों के लिए बहुत गर्व की बात है और पूरी दुनिया को यह विश्वास है कि भारत 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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