प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय इजराइल दौरे पर वहां की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करते हुए हमास द्वारा किए गए आतंकी हमले की पुरजोर निंदा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत आतंकवाद के दर्द को समझता है और इस कठिन घड़ी में पूरी तरह से इजराइल के साथ खड़ा है। मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने, जहां सांसदों ने खड़े होकर ‘मोदी-मोदी’ के नारों के साथ उनका स्वागत किया।
पीएम मोदी ने कहा, “हम आपके दर्द को समझते हैं, भारत लंबे वक्त से आतंकवाद से पीड़ित है। किसी भी वजह से आम नागरिकों की हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता और आतंकवाद को किसी भी हाल में जायज नहीं ठहराया जा सकता।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत इस समय और भविष्य में भी पूरे विश्वास के साथ इजराइल का साथ देगा।
‘मोदी मेरे भाई जैसे हैं’: बेंजामिन नेतन्याहू
प्रधानमंत्री मोदी से पहले बोलते हुए इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ‘दुनिया का सम्मानित नेता’ बताया। नेतन्याहू ने पीएम मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, “मोदी मेरे भाई जैसे हैं, मेरे दिल में उनके लिए एक खास जगह है।” इससे पहले एयरपोर्ट पर नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने पीएम मोदी की अगवानी की थी, जहां राष्ट्रगान की धुन के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर ही दोनों नेताओं के बीच तेल अवीव में एक निजी बातचीत भी हुई।
“भारत में इजराइल के दृढ़ संकल्प, साहस और उपलब्धियों के प्रति गहरा सम्मान है। आधुनिक राष्ट्र बनने से बहुत पहले भी हमारे संबंध 2 हजार साल से ज्यादा पुराने हैं।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
रक्षा सौदों और मुक्त व्यापार पर नजर
पीएम मोदी के इस दौरे को कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान भारत और इजराइल के बीच हथियारों से जुड़ी महत्वपूर्ण डील पर बातचीत होने की संभावना है, जिसमें ड्रोन और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं।
इसके अलावा, आर्थिक संबंधों को मजबूती देने पर भी जोर दिया जा रहा है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “पिछले कुछ सालों से भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था रहा है। जल्द ही हम दुनिया की टॉप 3 इकोनॉमी में शामिल होंगे। हमारी टीमें एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।”
‘भारत में यहूदी समुदाय बिना डर के रहा’
पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को याद करते हुए कहा कि यहूदी समुदाय भारत में सदियों से बिना किसी डर, उत्पीड़न या भेदभाव के रहता आया है। उन्होंने कहा, “इजराइल की जमीन से भारत का संबंध खून और बलिदान से भी जुड़ा है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में 4 हजार से ज्यादा भारतीय सैनिकों ने बलिदान दिया था।” पीएम मोदी ने मुंबई के 26/11 आतंकी हमले का भी जिक्र किया, जिसमें इजराइली नागरिकों समेत कई बेगुनाह लोग मारे गए थे, और आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराया।
उन्होंने गाजा शांति पहल का समर्थन करते हुए कहा कि UNSC समर्थित यह पहल आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती है और भारत इसका मजबूती से समर्थन करता है।






