पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिनों की महत्वपूर्ण इजरायल यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। नौ वर्षों में यह उनका दूसरा इजरायल दौरा होगा, जिसे भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच संबंध लगातार बिगड़ रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरे और दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों की पुनर्पुष्टि करेगी। साथ ही, यह साझा चुनौतियों की समीक्षा करने और एक मजबूत साझेदारी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगी।
रक्षा सहयोग और ‘सुदर्शन चक्र’ पर नजरें
सूत्रों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में रक्षा और सुरक्षा सहयोग का एजेंडा सबसे प्रमुख रहेगा। भारत अपनी स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली ‘सुदर्शन चक्र’ को विकसित करने पर काम कर रहा है। इस संदर्भ में, पीएम मोदी की यात्रा के दौरान इजरायल की विश्व प्रसिद्ध बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली ‘आयरन डोम’ के कुछ महत्वपूर्ण तत्वों को ‘सुदर्शन चक्र’ में शामिल करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि इस दौरे पर लगभग 71 हजार करोड़ रुपये के रक्षा सौदों पर भी बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
व्यस्त रहेगा पीएम मोदी का कार्यक्रम
अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। वह इजरायल की संसद (नेसेट) को संबोधित करेंगे, जो एक बड़ा सम्मान माना जाता है। इसके अलावा, वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री नेतन्याहू बुधवार रात पीएम मोदी के सम्मान में एक निजी रात्रिभोज का भी आयोजन करेंगे। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा था कि वह पीएम मोदी के दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मुक्त व्यापार समझौते पर भी होगी प्रगति?
रक्षा के अलावा आर्थिक सहयोग भी इस यात्रा का एक अहम हिस्सा है। भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत को गति देने के प्रयास जारी हैं। इस मुद्दे पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चार दिवसीय बैठक पहले से ही चल रही है, जो 26 फरवरी को समाप्त होगी। उम्मीद है कि दोनों नेताओं की मुलाकात से इस समझौते की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार जुलाई 2017 में इजरायल का दौरा किया था, जिसके बाद द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया था। इसके बाद, जनवरी 2018 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारत का दौरा किया था।






