प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत में अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उन्होंने बताया कि पांच साल पहले अंतरिक्ष क्षेत्र में 50 से भी कम स्टार्टअप थे, जो अब बढ़कर 200 से अधिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हाल के हफ्तों में खेल, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में हुई उपलब्धियों ने हर भारतीय को गर्व का अनुभव कराया है।
प्रधानमंत्री ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सुरक्षित वापसी का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे देश में उत्साह की लहर पैदा की। उन्होंने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने बच्चों में अंतरिक्ष और विज्ञान के प्रति नई जिज्ञासा जगाई है। अब बच्चे अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने और चंद्रमा पर उतरने के सपने देख रहे हैं।
‘इंस्पायर-मानक’ अभियान का जिक्र
पीएम मोदी ने ‘इंस्पायर-मानक’ अभियान का जिक्र किया जो बच्चों के नवाचार को प्रोत्साहित करता है। इस अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल से पांच बच्चे अपने नए आइडियाज प्रस्तुत करते हैं। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद इस अभियान से जुड़ने वाले बच्चों की संख्या दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है।
छात्रों की उपलब्धियों की सराहना
प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय रसायन विज्ञान और गणित ओलंपियाड में भारतीय छात्रों की उपलब्धियों की भी सराहना की। रसायन विज्ञान ओलंपियाड में देवेश पंकज, संदीप कुची, देबदत्त प्रियदर्शी और उज्ज्वल केसरी ने पदक जीते। गणित ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर नए आइडियाज के साथ उत्सव मनाने और नमो एप के माध्यम से सुझाव भेजने का आह्वान किया।






