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असम दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी, ‘बागुरुम्बा दोहो 2026’ कार्यक्रम में हुए शामिल, सभा को संबोधित कर कांग्रेस पर बोला हमला

Written by:Shyam Dwivedi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 17 जनवरी 2026 को दो दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे हैं। गुवाहाटी एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्वागत किया। पीएम मोदी का गुवाहाटी एटरपोर्ट से अजारा तक रोड शो आयोजित हुआ है। इस भव्य रोड शो में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी।
असम दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी, ‘बागुरुम्बा दोहो 2026’ कार्यक्रम में हुए शामिल, सभा को संबोधित कर कांग्रेस पर बोला हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 17 जनवरी 2026 को दो दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे हैं। असम में इस साल विधानसभा चुनाव भी होना है। चुनाव से पहले पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। गुवाहाटी एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्वागत किया। पीएम मोदी का गुवाहाटी एटरपोर्ट से अजारा तक रोड शो आयोजित हुआ है। इस भव्य रोड शो में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी को गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में पारंपरिक बोडो सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘बागुरुम्बा दोहो 2026’ में सम्मानित किया गया। वहीं स्टेडियम में मौजूद कलाकरों ने पारंपरिक नृत्य कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी ने सभा को संबोधित किया। इस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा समेत कई दिग्गजों की मौजूदगी रही।

प्रधानमंत्री मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने जितना असम का दौरा किया है, उतना किसी और प्रधानमंत्री ने नहीं किया। मैं चाहता हूं कि असम की संस्कृति को दुनिया भर में पहचान मिले और इस संबंध में पहल की जा रही है। बागुरुम्बा बोडो समाज का एक जीवंत उत्सव और सम्मान है। यह बोडो परंपरा का सम्मान करने और इस समाज की महानता और सामाजिक सुधारों, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राजनीतिक चेतना को मजबूत करने वाले महापुरुषों को याद करने का एक माध्यम है। मैं उन सभी को अपना सम्मान देता हूं।

असम की संस्कृति को मिली राष्ट्रीय पहचान- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, BJP असम की संस्कृति को पूरे भारत के लिए गर्व का सोर्स मानती है। हमारी कोशिशों से, चराइदेव मैदाम को UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया गया है और असम की भाषा को क्लासिकल स्टेटस दिया गया है। हमने बोडो को असम की एसोसिएट ऑफिशियल भाषा के तौर पर मान्यता दी है और बोडो-मीडियम एजुकेशन को मजबूत करने के लिए एक डेडिकेटेड इंस्टीट्यूशन बनाया है। उन्होंंने कहा कि जब मैं असम की तरक्की के बारे में सोचता हूं, तो मुझे एक साफ बदलाव दिखता है जो जगहें कभी हिंसा से पहचानी जाती थीं, अब वहां संस्कृति का जश्न मनाया जाता है, गोलियों की जगह खाम और सिफुंग म्यूजिक की धुनें बजती हैं और जिस जगह कभी अशांति और अस्थिरता थी, वहां अब बागुरुम्बा की शानदार परफॉर्मेंस होती है जिसकी पूरे भारत में तारीफ होती है।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर बोला हमला

जब हम असम की कला, संस्कृति और पहचान का सम्मान करते हैं, तो कुछ राजनीतिक लोग विरोध करते हैं। कांग्रेस पार्टी ने असम के लिए पहचान और पहल का विरोध किया है, जिसमें भूपेन हजारिका को भारत रत्न देना भी शामिल है। कर्नाटक के एक मंत्री, जो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बेटे भी हैं, उन्होंने राज्य में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने का विरोध किया और जब मैं असम के सांस्कृतिक प्रतीकों को पहनता हूं तो कांग्रेस उनका भी मजाक उड़ाती है। दशकों तक, कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए अस्थिरता को बढ़ावा देकर और बातचीत को दरकिनार करके असम को हिंसा की आग में धकेला।

पीएम ने कहा, जब असम के लोगों की सेवा करने की जरूरत थी, तो उन्होंने घुसपैठियों का साथ दिया जो राज्य के अपने लोगों को हटाकर वोटर बेस बन गए। मैं हिमंत बिस्वा सरमा सरकार की उन कोशिशों का स्वागत करता हूं, जिनमें असम के लोगों से ली गई लाखों एकड़ ज़मीन वापस दिलाने और उन्हें उनके असली मालिकों को वापस करने की कोशिश की गई है।

कांग्रेस ने असम को किया नजरअंदाज- प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कांग्रेस ने लंबे समय तक असम और बड़े पूर्वी इलाके को नजरअंदाज किया, लोकल डेवलपमेंट के बजाय पॉलिटिकल फायदे को ज्यादा अहमियत दी। उन्होंने जानबूझकर राज्य के लिए मुश्किलें खड़ी कीं। हमारी डबल-इंजन सरकार उन नाकामियों को ठीक कर रही है। हमने बोडो कछारी वेलफेयर ऑटोनॉमस काउंसिल बनाई और बोडो इलाकों के लिए 1500 करोड़ रुपये के डेवलपमेंट पैकेज को मंजूरी दी।

पीएम ने कहा, कोकराझार में मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल शुरू किए गए हैं। बोडो कम्युनिटी की भलाई के लिए पॉलिसी और एडमिनिस्ट्रेशन को मजबूत करने के लिए एक अलग वेलफेयर डिपार्टमेंट और एक बोडो लैंड एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज बनाया गया। बीजेपी ने असम और दिल्ली के बीच की दूरी कम की है और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच भी बढ़ा रही है। असम का कॉन्फिडेंस, काबिलियत और इकोनॉमिक तरक्की भारत की ग्रोथ स्टोरी को मजबूत कर रही है और यह राज्य अब भारत के सबसे तेजी से बढ़ते इलाकों में से एक बन रहा है।