वायनाड: अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के दौरे पर पहुंचीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को मुंडक्कई और चोरालमाला में हुए विनाशकारी भूस्खलन के पीड़ितों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने न केवल पीड़ितों का दर्द साझा किया, बल्कि पुनर्वास कार्यों में हो रही देरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा। प्रियंका ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ितों के लिए 100 घर बनाने के अपने वादे पर कायम है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि त्रासदी के बाद सभी राजनीतिक दलों के प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन केंद्र की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिली। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि इस प्रक्रिया में काफी समय लग गया है।
केंद्र सरकार पर अनदेखी का आरोप
प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार के रवैये पर सीधी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुनर्वास के प्रयासों में केंद्र का सहयोग न के बराबर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखे, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
“दुर्भाग्य से केंद्र सरकार ने कोई विशेष सहयोग नहीं दिया है। मैं सभी राजनीतिक दलों के प्रयासों की सराहना करती हूं, लेकिन केंद्र से और अधिक उम्मीद थी।”- प्रियंका गांधी वाड्रा
इससे पहले गुरुवार को प्रियंका ने अपने भाई और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर भूस्खलन पीड़ितों के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा बनाए जाने वाले घरों की आधारशिला रखी थी।
त्रासदी को याद कर साझा किया दर्द
एक सभा को संबोधित करते हुए प्रियंका ने उस भयावह त्रासदी को याद किया जब उन्होंने पहली बार राहुल गांधी के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था। उन्होंने कहा, “उस दिन जब मैं आई, तो मैंने जो देखा, वह मैं कभी नहीं भूलूंगी। आपने सब कुछ खो दिया था-आपके घर, आपके परिवार, आपके स्कूल, आपकी दुकानें, आपके व्यवसाय, सब कुछ।”
उन्होंने समुदाय के साहस और एकजुटता की प्रशंसा करते हुए कहा कि सबसे प्रेरणादायक बात यह थी कि कैसे धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर लोगों ने एक-दूसरे की मदद की।
प्रियंका ने भावुक होते हुए कहा, “मैं तब आपकी सांसद नहीं थी, मेरे भाई सांसद थे। मैं अब आपकी सांसद हूं। लेकिन उस समय से लेकर अब तक, मैं आपकी बेटी, आपकी बहन और आपके परिवार का सदस्य भी बन गई हूं।”
क्या है कांग्रेस की आवास योजना?
प्रियंका गांधी ने आवास परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हर लाभार्थी परिवार को आठ सेंट जमीन पर एक ग्यारह सौ वर्ग फुट का घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा, “त्रासदी के तुरंत बाद मेरे भाई यहां आए थे और उन्होंने कहा था कि हम उन लोगों के लिए 100 घर बनाएंगे जिन्होंने अपने घर खो दिए हैं। आपकी बहन होने के नाते, मुझे इस बात का बहुत दुख है कि इस प्रक्रिया में इतना समय लगा।”
गौरतलब है कि केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन ने मुंडक्कई और चोरालमाला में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई और अनगिनत घर और इमारतें नष्ट हो गईं।






