भूपेश बघेल के दौरे के बीच पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चा तेज, कार्यक्रमों से चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी नेताओं ने बनाई दूरी

पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर पार्टी की अंदरूनी राजनीति चर्चा में है। दरअसल पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के चंडीगढ़ दौरे के दौरान हुई अहम बैठकों से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी नेताओं की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
भूपेश बघेल के दौरे के बीच पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चा तेज, कार्यक्रमों से चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी नेताओं ने बनाई दूरी

पंजाब कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने की कोशिशों के बीच अंदरूनी खींचतान फिर सामने आती दिखाई दे रही है। दरअसल पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के चंडीगढ़ दौरे के दूसरे दिन आयोजित बैठकों में चन्नी गुट से जुड़े कुछ प्रमुख नेताओं की गैरहाजिरी ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि कुछ नेता निजी कारणों की वजह से बैठक में शामिल नहीं हो सके हैं।

दरअसल भूपेश बघेल इन दिनों पांच दिवसीय दौरे पर पंजाब में संगठन की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। इस दौरान वह जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं, ताकि आने वाले समय में पार्टी की तैयारियों को मजबूत किया जा सके।

जानिए बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?

वहीं मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार वेरका, सुखविंदर सिंह डैनी, संगठन महासचिव, कोषाध्यक्ष और कई जिला अध्यक्ष मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करना और जिला स्तर पर पार्टी की रणनीति को मजबूत करना था। हालांकि तीसरे कार्यकारी अध्यक्ष संगत सिंह गिलजियां, जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का करीबी माना जाता है, बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके अलावा दो जिला अध्यक्ष भी बैठक से अनुपस्थित रहे। इन गैरहाजिरियों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग ने कहा कि नेताओं की अनुपस्थिति को गुटबाजी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक कुछ नेताओं के पहले से तय कार्यक्रम और निजी कारण थे, इसलिए वे बैठक में नहीं पहुंच सके।

अब चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात पर टिकी सबकी नजर

दरअसल अपने दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा और वरिष्ठ नेता राजकुमार वेरका से उनके आवास पर मुलाकात भी की। इन मुलाकातों को संगठन के भीतर तालमेल बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अपने पांच दिवसीय दौरे के दौरान भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। ऐसे में यदि ऐसी बैठक होती है तो इसे पार्टी के भीतर संवाद बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। वहीं पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन की राजनीति का हिस्सा बताया है। दरसल उन्होंने कहा है कि अलग-अलग नेता संगठन में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

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4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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