नई दिल्ली: लोकसभा ने मंगलवार को ‘ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026’ पारित कर दिया, जिसके बाद इस पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस विधेयक को लेकर केंद्र की BJP सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने इसे ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों को छीनने वाला एक प्रतिगामी कदम बताया है।
अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि यह बिल ट्रांसजेंडर लोगों के संवैधानिक अधिकारों और उनकी पहचान पर एक खुला हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर ट्रांसजेंडर समुदाय से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया।
बिल को लेकर कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
राहुल गांधी ने इस विधेयक की कई वजहों से आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बिल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से उनकी स्वयं की पहचान निर्धारित करने की क्षमता छीन लेता है, जो कि सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने अपनी पोस्ट में चार प्रमुख बिंदुओं पर सरकार को घेरा:
- पहचान का अधिकार: यह बिल ट्रांसजेंडर लोगों से उनकी खुद की पहचान करने का अधिकार छीनता है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है।
- सांस्कृतिक पहचान: यह पूरे भारत में ट्रांसजेंडर समुदायों की विविध और अलग-अलग सांस्कृतिक पहचान को मिटाने का प्रयास करता है।
- अमानवीय जांच: बिल के प्रावधान ट्रांस लोगों को मेडिकल बोर्ड द्वारा अमानवीय जांच प्रक्रियाओं से गुजरने के लिए मजबूर करते हैं।
- आपराधिक दंड: यह बिना किसी सुरक्षा उपाय के आपराधिक सज़ा और निगरानी का प्रावधान करता है, जो चिंताजनक है।
‘संविधान का उल्लंघन कर रही सरकार’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ऐसा बिल लेकर आई है जो समुदाय को बचाने के बजाय उन्हें बदनाम करता है। उन्होंने अपने बयान में संविधान के मूल्यों का भी जिक्र किया।
“संविधान हर भारतीय के जीवन, स्वतंत्रता, पहचान और सम्मान के अधिकार की रक्षा करता है। यह BJP सरकार हमारे संविधान का उल्लंघन कर रही है और अपने छोटे विचारों के लिए ट्रांसजेंडर समुदायों का सम्मान करने के भारत के समृद्ध इतिहास को नष्ट कर रही है।”- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का पुरजोर विरोध करती है। गौरतलब है कि इस संशोधन विधेयक में ट्रांसजेंडर की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कुछ नई व्यवस्थाएं की गई हैं, जो 2019 के मूल अधिनियम से अलग हैं। सरकार का तर्क है कि यह पहचान प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए है, जबकि विपक्ष इसे अधिकारों का हनन बता रहा है।
The BJP government’s Transgender Persons Amendment Bill is a brazen attack on the Constitutional rights and identity of transgender people.
This regressive bill:
– strips transgender people of their ability to self identify, violating a Supreme Court judgement
– wipes out the… pic.twitter.com/et6lqpgTXw— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 24, 2026






