Railways New Rule: वेटिंग टिकट के नियम बदले, आरक्षित बोगी में नहीं कर पाएंगे सफर, बढ़ेगी यात्रियों की मुसीबत, पढ़ें पूरी खबर

अब वेटिंग टिकट पर ट्रेन के रिजर्व डिब्बे में सफर करने की अनुमति नहीं होगी। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि आपके पास ऑनलाइन या विंडो कौन-सा वेटिंग टिकट है।
Railway Recruitment 2025

Railways New Rules: भारतीय रेलवे ने वेटिंग टिकट से संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव किया है। जिसका पालन सभी यात्रियों को करना होगा। रेलवे ने यात्रियों के आराम और सहूलियत को देखते हुए नियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया है। अब वेटिंग टिकट पर ट्रेन के रिजर्व डिब्बे में सफर करने की अनुमति नहीं होगी। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि आपके पास ऑनलाइन या विंडो कौन-सा वेटिंग टिकट है। हालांकि इस संबंध में रेलवे ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

नियमों का उल्लंघन पड़ेगा महंगा

रेलवे ने नियमों का उल्लंघन होने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त कार्रवाई के आदेश भी जारी किए हैं। यदि कोई यात्री नियमों का अनुपालन नहीं करता है तो उसे जुर्माना भरना पड़ सकता है। बता दें कि पहले विंडो से टिकट बुक कराने पर आरक्षित बोगी से सफर करने की अनुमति थी। वहीं ऑनलाइन वेटिंग टिकट खुद कैंसल को जाता है। ऐसे में वेटिंग टिकट को रद्द करवाना ही सही रहेगा।

शिकायतों के आधार पर रेलवे ने दिखाई सख्ती

दरअसल, एसी और स्लीपर बोगी में कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों की कई शिकायतें रेलवे को मिली। आरक्षित बोगी में वेटिंग टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों की भीड़ होने के कारण उन यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है, जिनके पास कन्फर्म टिकट। इसके अलावा यात्रियों को कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। इस शिकायतों को मद्देनजर रखते हुए रेलवे में नियमों को सख्त करने का फैसला लिया है।

क्या हैं नए नियम?

वेटिंग टिकट पर एसी और स्लीपर कोच में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यदि ऑनलाइन वेटिंग टिकट पर कोई व्यक्ति एसपी या स्लीपर कोच में सफर करता है तो TTE उसे अगले स्टेशन पर उतार सकते हैं। वहीं यदि कोई यात्री विंडो वेटिंग टिकट पर यात्रा करता है तो उसे 440 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। टीटीई ऐसे यात्रियों को जनरल बोगी में भेज सकते हैं। इसका मतलब ऑनलाइन वेटिंग टिकट अब कोई काम का नहीं होगा।

Manisha Kumari Pandey
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