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केजरीवाल को बड़ा झटका, राज्यसभा सभापति ने AAP के 7 सांसदों के BJP में मर्जर को मंजूरी दी, अब आम आदमी पार्टी सबसे छोटा दल

Written by:Atul Saxena
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आम आदमी पार्टी के सांसद एवं सदन के नेता संजय सिंह ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को चिट्ठी लिखी थी।चिट्ठी में संजय सिंह ने AAP छोड़ने वाले सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।
केजरीवाल को बड़ा झटका, राज्यसभा सभापति ने AAP के 7 सांसदों के BJP में मर्जर को मंजूरी दी, अब आम आदमी पार्टी सबसे छोटा दल

Rajya Sabha Chairman approves merger of 7 AAP MP with BJP

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल सहित कुछ अन्य नेताओं द्वारा आम आदमी पार्टी के सात सांसदों द्वारा एक साथ भाजपा में मर्जर करने की घोषणा को गैर संवैधानिक बताया गया था लेकिन राज्यसभा सभापति ने आज इसे मंजूरी दे दी, इसी के साथ अब आम आदमी पार्टी राज्यसभा में मात्र 3 सदस्यों के साथ सबसे छोटा दल बन गई है।

राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय की घोषणा करने वाले राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, संदीप कुमार पाठक, हरभजन सिंह, डॉ विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता के निर्णय पर मुहर लगा दी है और उनके मर्जर को स्वीकृति दे दी है।

BJP 113 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी, AAP के अब मात्र 3 सदस्य 

इस मर्जर के बाद राज्यसभा सचिवालय की तरफ से राज्यसभा के अपडेट सदस्य संख्या की जानकारी संसद टीवी पर शेयर की गई है जिसके मुताबिक अब भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ा दल बन गई है उसकी सदस्य संख्या अब 106 से बढ़कर 113 हो गई है वहीं आम आदमी पार्टी अब राज्यसभा में मात्र 3 सदस्यों के साथ सबसे छोटी पार्टी रह गई है।

राघव चड्ढा ने साथियों के साथ दिया झटका 

आपको बता दें 24 अप्रैल को अचानक राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने एक प्रेस कांफ्रेंस की और आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में विलय की घोषणा की थी, इस घोषणा के साथ ही सैम आदमी पार्टी में भूचाल आ गया था, वरिष्ठ नेता संजय सिंह सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने इसे पंजाब के साथ धोखा बताया (7 में से 6 पंजाब से राज्यसभा सदस्य है)।

आप की उम्मीदों पर फिर पानी   

संजय सिंह ने इसे भाजपा का ऑपरेशन लोटस बताया जबकि राघव चड्ढा सहित अन्य सांसदों ने पार्टी छोड़ने का कारण भी स्पष्ट किया लेकिन आरोपों की बौछार जारी रही, उधर कपिल सिब्बल सहित कुछ अन्य नेताओं ने इस मर्जर को गैर संवैधानिक कहा और सांसदों की सदस्यता जाने के दावा किया लेकिन राज्यसभा सभापति ने इन सभी को झटका देते हुए मर्जर को मंजूरी दे दी अब ये सभी सातों सांसद राज्यसभा में भाजपा के अन्य सदस्यों के साथ दिखाई देंगे और भाजपा एक सदस्य कहलायेंगे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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