EPFO: पेंशनर्स अब घर बैठे बनवा सकेंगे लाइफ सर्टिफिकेट, मिलेगी डीएलसी सर्विस, यहां समझें पूरा प्रोसेस

इसके लिए पेंशनधारकों को डाकघर या ग्रामीण डाक सेवक से संपर्क करना होगा, जिससे फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए जीवन प्रमाण पत्र तुरंत जारी किया जा सकेगा।
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देशभर के लाखों पेंशनरों के लिए काम की खबर है। कर्मचारियों के भविष्य निधि संगठनने अपने पेंशनर्स के लिए एक बड़ी सर्विस शुरू करते हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ पार्टनरशीप की है। इस साझेदारी के तहत पेंशनर्स अब अपने घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र ले सकते हैं। इसके लिए पेंशनभोगियों को बस अपने डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक से संपर्क करना होगा या अपने नजदीकी डाकघर में जाकर अपना आधार नंबर और पेंशन विवरण प्रदान करना होगा तथा आधार से जुड़े चेहरे के प्रमाणीकरण या फ़िंगरप्रिंट बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से अनुरोध को प्रमाणित करना होगा। प्रमाण पत्र निर्माण प्रक्रिया पूरी होने पर पेंशनभोगी को उसके मोबाइल नंबर पर एक पुष्टिकरण SMS प्राप्त होगा जिसके बाद प्रमाण पत्र को https://jeevanpramaan.gov.in/v1.0/nextday पर ऑनलाइन देखा जा सकता है। IPPB ने वर्ष 2020 में पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जारी करने के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की डोरस्टेप सेवा शुरू की थी।

IPPB का EPFO के साथ MOU, पेंशनधारक घर बैठे जमा कर सकेंगे जीवन प्रमाण पत्र

  • दरअसल, संचार मंत्रालय के डाक विभाग के अंतर्गत केन्द्र सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 के अंतर्गत अपने पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) सेवाएं प्रदान करने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • इसके अंतर्गत IPPB अपने 1.65 लाख से अधिक डाकघरों और 3 लाख से अधिक डाक सेवा प्रदाताओं (डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक) बैंकिंग उपकरणों से लैस नेटवर्क का लाभ उठाएगा। इसके लिए फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक और फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग किया जाएगा।
  • इससे EPFO पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में सहायता मिलेगी, जिससे उन्हें  कागज-आधारित प्रमाण पत्र जमा करने के लिए बैंक शाखाओं या EPFO कार्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। EPFO डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जारी करने की पूरी लागत वहन करेगा, जिससे पेंशनभोगियों के लिए यह सेवा निशुल्क हो जाएगी।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बारे में

  • संचार मंत्रालय के डाक विभाग के अंतर्गत भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की शुरुआत 1 सितंबर, 2018 को हुई थी।
  • इस बैंक की स्थापना सबसे सुलभ, किफायती और विश्वसनीय बैंक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।
  • इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का मूल उद्देश्य 1,65,000 डाकघरों जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 1,40,000 डाकघर शामिल हैं और लगभग 3,00,000 डाक कर्मचारियों वाले डाक नेटवर्क का लाभ उठाकर बैंकिंग सेवाओं से वंचित और बैंकिंग सेवाओं का कम लाभ उठाने वाले लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना है।
  • आईपीपीबी की पहुंच और इसका संचालन मॉडल इंडिया स्टैक के प्रमुख स्तंभों पर आधारित है जो सीबीएस-एकीकृत स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से सरल और सुरक्षित तरीके से कागज रहित, नकदी रहित और उपस्थिति-रहित बैंकिंग को सक्षम बनाता है।
  • आईपीपीबी देश के 5.57 लाख गांवों और कस्बों में 11 करोड़ ग्राहकों को 13 भाषाओं में उपलब्ध सहज इंटरफेस के माध्यम से सरल और किफायती बैंकिंग समाधान प्रदान करता है।

क्यों जरूरी होता है जीवन प्रमाण पत्र

  • जीवन प्रमाण पत्र पेंशनभोगियों के लिए एक बायोमेट्रिक सक्षम डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र है। यह केंद्र सरकार, राज्य सरकार और अन्य शासकीय संस्थान के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे पता चलता है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है या नही। नियम के तहत 60 साल से 80 साल की उम्र वाले हर पेंशनर को 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच अपना जीवन प्रमाण पत्र या लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होता है।
  • 80 साल के सुपर सीनियर पेंशनर को 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच में ये सर्टिफिकेट जमा करना होता है। पिछले वर्ष जिन पेंशनर्स ने लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराया था वो 30 नवंबर 2025 तक ही वैलिड है, ऐसे में दिसंबर महीने से पेंशन पाने के लिए जरूरी है कि 30 नवंबर तक पेंशनर्स अपना जीवन प्रमाण पत्र को जमा कर दें, अन्यथा दिसंबर से पेंशन का लाभ मिलना बंद हो सकता है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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