नए साल से पहले केन्द्र की मोदी सरकार ने पेंशनरों को बड़ी राहत दी है। अब सभी केंद्रीय सिविल पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को मंथली पेंशन पेमेंट स्लिप समय पर डिजिटल माध्यम से मिलेगी। इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आदेश पर केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) ने सभी अधिकृत बैंकों को निर्देश जारी किए है।अगर बैंक स्लिप नहीं भेज रहा है, तो पेंशनर CPPC से संपर्क कर सकते हैं या फिर CPAO पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।बता दे कि पेंशन स्लिप में पेंशन क्रेडिट की गई राशि, कटौतियां, रिविजन, संशोधित महंगाई भत्ता (डीए) ,टैक्स एडजस्टमेंट और एरियर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी होती है।
पेंशनर्स को सभी अपडेट अब मोबाइल और ईमेल पर
दरअसल, केन्द्र सरकार को पेंशनर्स की तरफ से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उन्हें पेंशन स्लिप नहीं मिलती, जिसके कारण उन्हें पता नहीं चलता कि खाते में कितनी पेंशन आई और कहां कहां कितने पैसे कटे हैं ।इसी के चलते अब केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा है कि केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) ने सभी अधिकृत बैंकों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक केंद्रीय सिविल पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी को मासिक पेंशन भुगतान पर्ची अवश्य प्रदान की जाए।इसके तहत अब बैंक CPPCs पेंशन क्रेडिट होते ही पेंशनर्स को ईमेल, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर , SMS और WhatsApp सहित डिजिटल माध्यमों से तुरंत स्लिप भेजी जाएगी।अगर किसी पेंशनर का ईमेल उपलब्ध नहीं है, तो बैंक को इसे उपलब्ध कराना होगा।CPAO ने बैंकों से यह भी कहा है कि स्लिप साफ फॉर्मेट में भेजी जाए, ताकि बुजुर्ग पेंशनर भी आसानी से पढ़ सकें।गलत फॉर्मेट या अधूरी स्लिप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन पेंशन कैसे चेक कर सकते है?
पेंशनर CPAO की वेबसाइट cpao.nic.in पर खुद रजिस्टर करके अपनी पूरी पेंशन हिस्ट्री देख सकते हैं।इसके लिए आपको 12-अंकों का PPO नंबर,जन्मतिथि,रिटायरमेंट की तारीख की जरूरत पड़ेगी।लॉगिन के बाद पेंशनर अपनी पूरी पेंशन, कटौती, शिकायत और संशोधन की जानकारी पा सकते हैं। बता दे कि PPO नंबर हर पेंशनर का यूनिक नंबर होता है, इसी के आधार पर पेंशनर की पहचान, भुगतान इतिहास, शिकायत और पेंशन रिकॉर्ड ट्रैक किया जाता है। यह सुविधा सिर्फ केंद्रीय सिविल पेंशनरों के लिए उपलब्ध है।
पेंशन स्लिप में यह महत्वपूर्ण जानकारी होती है:
- पेंशन की कुल राशि
- कितनी कटौती की गई
- किसी रिविजन का असर
- संशोधित महंगाई भत्ता
- टैक्स एडजस्टमेंट
- डीए व एरियर समेत अन्य सभी जानकारी






