तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने युवा पत्रकारों पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक कार्यक्रम में बोलते हुए रेड्डी ने कहा कि कुछ युवा पत्रकार अपने वरिष्ठों का सम्मान नहीं करते और प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने की पंक्ति में बैठकर अहंकार दिखाते हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों को थप्पड़ मारने का मन करता है, लेकिन पद और परिस्थितियां ऐसा करने से रोकती हैं।” रेड्डी के इस बयान की खबर समाचार एजेंसी पीटीआई ने दी।
रेड्डी के बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में आपातकाल की डीएनए फैली हुई है। पूनावाला ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप की तुलना रेड्डी के बयान से करते हुए कहा कि एक ने संवैधानिक संस्था का अपमान किया, तो दूसरे ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता पर हमला बोला।
जो एक अक्षर नहीं जानता, वह भी…
रेड्डी ने उसी भाषण में राजनीतिक दलों द्वारा संचालित मीडिया हाउसों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कुछ दल अपनी अनियमितताओं को छिपाने और सवाल उठाने वालों की छवि खराब करने के लिए मीडिया शुरू करते हैं, जो पत्रकारिता को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आजकल जो एक अक्षर भी नहीं जानता, वह भी खुद को पत्रकार कहता है और सोशल मीडिया पत्रकार के रूप में अपनी पहचान बनाता है।
पत्रकार कौन है?
मुख्यमंत्री ने मौजूदा मीडिया परिदृश्य पर चिंता जताते हुए सुझाव दिया कि वरिष्ठ पत्रकारों को सेमिनार आयोजित कर यह परिभाषित करना चाहिए कि पत्रकार कौन है। इस बयान ने पत्रकारिता जगत में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें पत्रकारों की भूमिका और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।






