AIIMS की रिपोर्ट में खुलासा- आखिर कोविशील्ड या कोवैक्सीन के बाद भी क्यों हो रहे लोग संक्रमित

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना (Coronavirus) की दूसरी लहर भले ही समाप्ति की ओर है, लेकिन लोगों के मन में एक सवाल चल रहा है, कि कोवैक्सिन या कोविशील्ड वैक्सीन (Covaxin or Covishield Vaccine)  लेने के बाद भी आखिर लोग कोरोना वायरस कैसे संक्रमित हो रहे है, तो इसको लेकर दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (Delhi AIIMS) ने बड़ा खुलासा किया है। AIIMS ने अपनी एक रिपोर्ट में दूसरी लहर के दौरान सबसे खतरनाकर साबित हुए  डेल्टा वैरिएंट (delta variants) को लेकर नया खुलासा किया है।

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ((Delhi AIIMS) ), दिल्ली और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के अलग-अलग अध्ययनों के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में पहली बार भारत में पाया गया ‘डेल्टा’ वैरियंट (B1.617.2) कोवैक्सिन या कोविशील्ड टीकों की दोनों खुराक प्राप्त करने के बाद भी लोगों को संक्रमित कर सकता है। यह कोरोना वायरस का डेल्टा वैरियेंट वैक्सीन के असर को भी कम कर दे रहा है और वैक्सीन लेने के बाद संक्रमित हुए ज्यादातर लोगों में डेल्टा वेरियेंट ही पाया जा रहा है।हालांकि अभी तक किसी स्टडी की समीक्षा नहीं की गई है।

दरअसल,  दिल्ली एम्स (Delhi AIIMS) ने अपनी स्टडी में  63 (41 पुरुष और 22 महिलाएं) लोगों को शामिल किया था । इसमें 10 लोग कोविशील्ड वैक्सीन तो 53  कोवैक्सीन वाले थे,  जो वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इनमें से 27 लोग ऐसे थे जिन्होंने एक  डोज लिया था और 36 लोग ऐसे थे जिन्होंने दो डोज लिए थे। स्टडी रिपोर्ट में पाया गया कि कि ये सभी 63 लोग वैक्सीन लेने के बाद भी संक्रमित तो हो गए थे, लेकिन इनमें एक की भी मौत नहीं हुई है। हालांकि, इन्हें ज्यादातर लोगों को 5-7 दिनों तक बहुत ज्यादा बुखार रहा था।

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AIIMS स्टडी में यह भी  सामने आया है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले 60% लोगों में जबकि एक डोज लेने वाले 77% लोगों को कोरोना वायरस के डेल्टा वेरियेंट ने संक्रमित किया था। इसको लेकर एम्स के आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों की रुटीन टेस्टिंग के लिए जमा किए गए नमूनों का ही अध्ययन किया गया था। इनमें बहुत ज्यादा बुखार, सांस लेने में तकलीफ और सिरदर्द की समस्या पाई गई थी।वही डेल्टा वेरियंट से ऐसे लोग ज्यादा संक्रमित हुए, जिन्हें कोविशील्ड दी गई थी। डेल्टा वेरियंट संक्रमण उन 27 मरीजों को हुआ, जिन्होंने वैक्सीन लगवाई थी, इनकी संक्रमण दर 70.3 फीसदी रही।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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