राज्य सरकार का बड़ा फैसला, मिलेगी हर महीने 10 हजार पेंशन, ये होंगे पात्र, जानें नियम-प्रक्रिया

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Sports person Pension Scheme : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने विभिन्न खेलों में पदक जीत कर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि वह रिटायर होने के बाद इन खिलाड़ियों को 10 हजार रुपए महीना पेंशन देगी, इसके लिए कुछ नियम तय किए गए है। वही झारखंड खेल नीति 2022 के आलोक में खेल विभाग ने दिशा निर्देश जारी कर दिए है।

जानिए झारखंड खेल नीति-2022 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य सरकार ने फैसला किया है कि झारखंड खेल नीति-2022 के अनुसार प्रत्येक खिलाड़ी को सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दिया जायेगा। इस योजना में अर्जुन अवार्ड प्राप्त खिलाड़ी. द्रोणाचार्य अवार्ड प्राप्त खिलाड़ी, ध्यानचंद आवार्ड प्राप्त खिलाड़ी,ओलम्पिक में भाग लेनेवाले खिलाड़ी, कॉमनवेल्थ खेल, एशियन गेम के पदक विजेता खिलाड़ी, जो अब व्यवाहारिक तौर पर खेल नहीं रहे हैं,  शामिल होंगे और लाभ ले सकेंगे।खेल विभाग ने खिलाड़ियों को खिलाड़ी पेंशन योजना के तहत पेंशन प्रदान करने के लिए गाइडलाइन जारी कर दिया है.

इतना ही नहीं, इन खिलाड़ियों की मृत्यु के उपरांत उनके आश्रित पति, पत्नी, नाबालिग बच्चा, बच्ची को भी 5000 रुपये मासिक दिया जायेगा, इस संबंध में पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग ने अधिसूचना जारी की है।  पेंशनधारियों को राशि सीधे उनके खाते में भेजी जायेगी,  पेंशन राशि पर होनेवाला व्यय योजना से किया जायेगा।

ये रहेंगे नियम

  • झारखंड राज्य का स्थायी निवासी हो, खिलाड़ी सक्रिय खेलों से सेवानिवृत्त हो चुका हो।
  •  कम से कम 40 वर्ष की आयु का हो, आयु सीमा में अधिकतम 10 वर्ष तक की छूट दी जा सकती है बशर्ते खिलाड़ी अचानक किसी चोट या शारीरिक विकलांगता या गंभीर बीमारी के द्वारा अक्षम हो गया हो ।
  • इस मामले के लिए बोर्ड का प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है,आयु की गणना आवेदन की तिथि से की जायेगी।
  • प्रतिवर्ष जनवरी माह में पेंशन प्राप्त करनेवाले खिलाड़ी को जीवित होने से संबंधी घोषणापत्र संबंधित जिला खेल पदाधिकारी समर्पित करना होगा।
  • वह किसी भी आपराधिक मामले में दोषसिद्धि से मुक्त हो।
  • पेंशनभोगी की मृत्यु होने पर पेंशन बंद कर दी जायेगी, हालांकि, यदि मृतक पेंशनभोगी का पति, पत्नी अथवा नाबालिग बच्चे जीवित हैं तो इसके लिए आवेदन किया जा सकता है।
  • पेंशनभोगी स्वेच्छा से किसी भी समय पेंशन का परित्याग कर सकते हैं।

इन्हें नहीं मिलेगा लाभ

  • पूर्व खिलाड़ी पेंशन के हकदार नहीं होंगे, जो भारत सरकार, राज्य सरकार, पीएसयू में पूर्व में काम कर चुके हो या भारत सरकार या अन्य किसी राज्य सरकार से पेंशन पा रहे हों।
  • इस योजना के तहत खिलाड़ी केवल एक पेंशन के लिए योग्य होंगे जो उनकी सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियों के आधार पर दी जायेगी।

ऐसे मिलेगा लाभ

  • खिलाड़ी पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए खिलाड़ी को आवेदन करना होगा और इसे जिला खेल पदाधिकारी को देना होगा।
  • इसके बाद आवेदन की सत्यता की जांच के बाद इसकी अनुशंसा खेल निदेशक को की जाएगी और अनुशंसा समिति की अनुशंसा के आलोक में पेंशन की स्वीकृति पर्यटन व खेलकूद सचिव द्वारा दी जायेगी।
  • इसके बाद सभी भुगतान पेंशन स्वीकृत होने की तिथि से देय होंगे तथा उस तिथि से पूर्व की अवधि के लिए कोई बकाया देय नहीं होगा। हर साल जनवरी महीने में लाइफ सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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