नए साल के साथ कई खगोलीय घटनाएं आकर्षित करने का काम करने वाली हैं। दिन में जहां पेरीहेलियन दिखेगा तो रात में सुपर वुल्फ मून दिखाई देने वाला है। आज पूर्णिमा का दिन है और सुपरमून आमतौर पर तब दिखता है जब चंद्रमा पूर्ण रूप से पृथ्वी के निकट आता है।
खगोलीय भाषा के हिसाब से देखें तो इसे सुपर वुल्फ मून कहा जाता है। ये चंद्रमा आधी रात के आसपास सिर के ऊपर चमकने वाला है। इसके पास एक चमकीला तारा भी नजर आएगा। ये कोई तारा नहीं बल्कि बृहस्पति ग्रह है। ये चांद पेरिगी है, अर्थात चंद्रमा की कक्षा का वह बिंदु जो पृथ्वी के सबसे करीब होता है।
आज नजर आएगा सुपर वुल्फ मून
आज जो सुपरमून दिखाई देगा वह रोजाना दिखाई देने वाले चांद से 8% बड़ा और 16% अधिक चमकीला होगा। इसका नाम सुपर वुल्फ मून इसलिए रखा गया क्योंकि कड़ाके की सर्दी के दौरान पुराने समय में उत्तरी गोलार्ध में भेड़ियों के झुंड की आवाज आती थी। यही से इसके साथ वुल्फ शब्द जुड़ गया।
सूर्य भी है पृथ्वी के करीब
केवल चांद ही नहीं इस समय सूर्य भी पृथ्वी के काफी करीब है। खगोलीय भाषा में इसे पेरीहेलियन यानी उपसौर कहते हैं। सामान्य दिनों में पृथ्वी से सूर्य की दूरी लगभग 14 करोड़ 96 लाख किलोमीटर होती है। पेरीहेलियन एक ग्रीक शब्द है, जिसका अर्थ करीब और सूर्य होता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक उपसौर के समय पृथ्वी अपनी कक्षा में सबसे तेज गति से घूमती है। यह गति 30.27 किमी प्रति सेकंड होती है।
ग्रहों की राशि में स्थिति
खगोलविदों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क और सिंह राशि को आसमान में देखा जा सकता है। इसके अलावा मृग, सारथी और महाश्व तारामंडल भी नजर आ रहे हैं। सूर्य धनु राशि में है, जो मकर राशि में प्रवेश करेगा। बुध और शुक्र कुंभ राशि में है। मंगल मकर राशि में है। बृहस्पति मिथुन और शनि मीन राशि में विराजित है। 19 जनवरी को चंद्रमा, शुक्र, 23 जनवरी को शनि और 31 जनवरी को बृहस्पति के करीब दिखाई देगा।





