मथुरापुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के मथुरापुर से ‘परिवर्तन यात्रा’ की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और भतीजावाद को लेकर TMC सरकार को आड़े हाथों लिया और वादा किया कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनी तो एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बंगाल से बाहर निकाला जाएगा।
अमित शाह ने अपने संबोधन में ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य बंगाल का कल्याण नहीं, बल्कि अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाना है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता इस परिवारवाद की राजनीति को समझ चुकी है।
भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण के गंभीर आरोप
गृह मंत्री ने राज्य में हुए कई कथित घोटालों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, गाय तस्करी घोटाला, PDS राशन घोटाला, मनरेगा घोटाला और पीएम आवास योजना घोटाला यहां हुआ। और इन सभी घोटालों को संरक्षण देने वाले DGP को ममता बनर्जी राज्यसभा भेज रही हैं।”
शाह ने राज्य के बजट आवंटन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में पेश हुए बजट में साइंस और टेक्नोलॉजी के लिए सिर्फ 80 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि मदरसों को 5,700 करोड़ रुपये मिले। उन्होंने पूछा, “TMC, आपका एजेंडा क्या है? क्या आपकी प्राथमिकता राज्य के युवाओं को रोज़गार के मौके देना है, या मदरसों की संख्या बढ़ाना है?” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह तुष्टीकरण बंगाल का विकास नहीं कर सकता।
“ममता दीदी को लगता है कि इनके इस अक्रांत से भाजपा वाले डर जाएंगे। मगर मैं आज मथुरापुर से कहकर जाता हूं कि एक बार यहां भाजपा की सरकार बना दीजिए। हम ममता बनर्जी के गुंडों को उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम करेंगे।”- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
सरकारी कर्मचारियों से 7वें वेतन आयोग का वादा
अमित शाह ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को साधने का प्रयास करते हुए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में सरकारी कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग मिल चुका है, लेकिन बंगाल के कर्मचारी आज भी छठे वेतन आयोग के तहत वेतन पा रहे हैं।
उन्होंने वादा किया, “मैं आज कहकर जाता हूं कि एकबार भाजपा सरकार बना दो, 45 दिन में ही हम सातवें वेतन आयोग की तनख्वाह देने का काम करेंगे।” शाह ने आरोप लगाया कि जिन कर्मचारियों ने 15 साल तक ममता सरकार की मदद की, उनके साथ मुख्यमंत्री ने अन्याय किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के कारण बंगाल आज 8 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा है और यहां जन्म लेने वाले हर बच्चे पर 77 हजार रुपये का कर्ज है।






