सुप्रीम कोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया, CJI बोले “भावुकता से न लें मामला”

अदालत ने इससे जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और इसे सामान्य प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। याचिका में सोशल मीडिया पर अदालत की टिप्पणियों के कथित दुरुपयोग, फर्जी लॉ डिग्रियों की जांच और ऑनलाइन नैरेटिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह कोई आपात स्थिति नहीं है और मामले को भावुकता से नहीं देखा जाना चाहिए।
CJI Suryakant

फाइल फोटो

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता वकील से कहा कि इस मुद्दे को भावुकता से न लें। कोर्ट ने तुरंत सुनवाई की मांग खारिज कर दी और कहा कि मामले को सामान्य प्रक्रिया के अनुसार सूचीबद्ध किया जाएगा।

ये याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील राजा चौधरी ने दायर की है। इसमें अदालती कार्यवाही की मौखिक टिप्पणियों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक, सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़कर फैलाई जा रही खबरों के खिलाफ कार्रवाई और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े लोगों की गतिविधियों की सीबीआई जांच की मांग की गई है। याचिका में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन के 35 से 40 प्रतिशत फर्जी लॉ डिग्रियों वाले बयान का भी हवाला दिया गया है।

कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी याचिका पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े विवाद और अदालत की टिप्पणियों के दुरुपयोग पर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे नैरेटिव, कोर्ट की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग के व्यावसायिक इस्तेमाल और फर्जी लॉ डिग्रियों के मुद्दे पर जांच की मांग की है। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने मामले को गैर-आपात स्थिति बताते हुए आगे विचार का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा “ऐसी कोई बड़ी इमरजेंसी वाली स्थिति नहीं है। हम इस पर विचार करेंगे।” उन्होंने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि मुद्दे को भावुकता से न लें।

क्या है मामला 

यह याचिका उस विवाद से उपजी है जब 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कुछ युवाओं को “परजीवी” और “कॉकरोच” जैसे शब्दों से जोड़कर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ युवा फर्जी डिग्रियों के सहारे वकालत में आ रहे हैं और सिस्टम पर हमला कर रहे हैं। बाद में CJI ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि टिप्पणी बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री वाले लोगों के लिए थी। इसके बावजूद टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक अभियान शुरू हो गया। इस अभियान को अभिजीत दीपके ने शुरू किया, जो बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। सीजेपी ने युवाओं की बेरोजगारी, नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को उठाते हुए तेजी से लोकप्रियता हासिल की और कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर इस अकाउंट के लाखों फॉलोअर्स बन गए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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