चेन्नई: तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में एक बड़ा बदलाव हुआ है। चुनाव आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद जारी अंतिम सूची में 74 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं। सोमवार को राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अर्चना पटनायक ने यह फाइनल वोटर लिस्ट जारी की, जिसके बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या अब 5.67 करोड़ हो गई है।
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव आयोग मार्च महीने में राज्य विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटना राजनीतिक दलों के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
आंकड़ों में कितना बड़ा बदलाव?
चुनाव आयोग के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह बदलाव काफी बड़ा नजर आता है। 27 अक्टूबर, 2025 को जब SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 6.41 करोड़ थी। वहीं, 23 फरवरी 2026 को जारी अंतिम सूची के अनुसार, यह संख्या घटकर 5.67 करोड़ रह गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मृतकों, एक से अधिक जगह पंजीकृत वोटरों और स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, जिन मतदाताओं को इस अंतिम सूची पर कोई आपत्ति है, वे नाम जोड़ने या हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
वोटर लिस्ट की खास बातें
जारी की गई अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, राज्य में 2.7 करोड़ पुरुष, 2.8 करोड़ महिलाएं और 7,617 तीसरे लिंग के मतदाता पंजीकृत हैं।
- सबसे ज्यादा वोटर: चेंगलपट्टू जिले के शोझिंगनल्लूर विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 5.36 लाख मतदाता हैं।
- सबसे कम वोटर: हार्बर विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 1.16 लाख मतदाता हैं।
चुनाव आयोग द्वारा इस अंतिम सूची को राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ भी साझा किया जाएगा ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। यह कदम आगामी चुनावों को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तैयारी मानी जा रही है।





