
भारत की बेरोजगारी दर जुलाई 2025 में घटकर 5.2% पर आ चुकी है। यह पिछले तीन महीनों में सबसे कम दर है। सोमवार को केंद्र सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। दरअसल, शहरी क्षेत्र में नौकरियों की संख्या बढ़ी है। यह लोगों के लिए राहत की खबर है। पिछले कुछ समय में रिटेल सेक्टर में रोजगार का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। न सिर्फ रिटेल सेक्टर, बल्कि आईटी, टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग में भी नौकरियां क्रिएट हुई हैं।
दरअसल रिपोर्ट में सामने आया है कि शहरों के मुकाबले गांव में बेरोजगारी कम है। गांव में रोजगार का स्तर सुधारने का कारण छोटे और मध्यम उद्योगों में नौकरियां क्रिएट होना है। चलिए इसे लेकर डिटेल में समझते हैं।
आंकड़ों से समझिए
सबसे पहले आंकड़ों की बात की जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 4.2 रही है, जबकि शहरी क्षेत्र में यह बढ़कर 7.2 पर पहुंच गई। यानी इन दोनों में बेहद ज्यादा अंतर है। गांव के मुकाबले शहरों में बेरोजगारी दर बेहद ज्यादा है। वहीं जेंडर वाइस देखा जाए तो पुरुषों में बेरोजगारी दर कम है। पुरुषों में 4.6% बेरोजगारी दर आई है, जबकि महिलाओं में यह बढ़कर 8.7% तक रही। आंकड़ों से साफ होता है कि महिलाओं को रोजगार ढूंढने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
एक और बड़ी खुशखबरी मिली
इसके साथ ही एक बड़ी खुशखबरी और मिली है। दरअसल, श्रमिक जनसंख्या अनुपात में भी वृद्धि हुई है। जुलाई 2025 में यह अनुपात 52.0% रहा है। यानी 52% लोग, जो 15 वर्ष और उससे अधिक की आयु के हैं, वास्तव में रोजगार ले चुके हैं। बेरोजगारी दर मापने के सिस्टम को देखा जाए तो भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन के जरिए यह सर्वे किया जाता है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से सवाल पूछे जाते हैं, जैसे क्या आप काम कर रहे हैं, नौकरी ढूंढ रहे हैं या काम नहीं करना चाहते। इसके बाद इस डेटा से ही यह दर निकल जाती है।
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