लोन फ्रॉड केस में कोर्ट ने लगाई CBI को फटकार, चंदा और दीपक कोचर की गिरफ्तारी को बताया अवैध, पढ़ें पूरी खबर

videocon loan fraud case

Videocon Loan Fraud Case: लोन फ्रॉड केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीबीएसई को फटकार लगाई है। साथ ही आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर (Chanda Kochhar And Deepak Kochhar) के गिरफ़्तारी को अवैध बताया है। कोर्ट ने कहा, “यह शक्ति का दूरूपयोग है।” हाई कोर्ट ने यह गिरफ़्तारी बिना दिमाग लगाए और कानून का उचित सम्मान किए बिना की गई है।”

कोर्ट ने कही ये बात

6 फरवरी को जस्टिस अनुजा प्रभुदेसाई और एन आर बोरकर की बेंच ने इस मामले में गिरफ़्तारी को अवैध बताया था। वहीं 6 जनवरी  2023 में कोर्ट ने कोचर दम्पत्ति के जमानत को मंजूरी प्रदान की थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई के जांच में सहयोग नहीं करने की दलील को मानने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा, “भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20 (3) के तहत आरोपियों को पूछताछ के दौरान चुप रहने का अधिकार है।”

क्या है मामला?

चन्दा कोचर बैंकिंग सेक्टर की जानी-मानी हस्तियों में से एक हैं। 2012 में वीडियोकोन लॉन एप फ्रॉड के मामले में उन्हें आरोपी माना गया था। उनपर आईसीआईसीआई बैंक और आरबीआई के नियमों के हिलफ वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपये लोन को मंजूरी देने का आरोप लगा था। इस मामले की जांच 2016 में शुरू हुई थी। 2018 में चंदा कोचर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। 24 जनवरी 2019 को इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज हुआ था। हालांकि बैंक ने बयान जारी करते हुए कोचर पर भरोसा जताया था। 2020 में कोचर परिवार पास ईडी ने 78 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की तो। 23 सितंबर 2022 चंदा कोचर और उनके पति को गिरफ्तार किया गया था। उन्होनें इस मामले में गिरफ़्तारी को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट को दरवाजा खटखटाया।

Manisha Kumari Pandey
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