विश्व हिंदी दिवस : भाषाई एकता और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का दिन, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं

हिंदी सिर्फ एक भाषा या संवाद का माध्यम भर नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सभ्यता की पहचान भी है। विश्व हिंदी दिवस सही मायनों में उस सांस्कृतिक गर्व और भाषा की एकता का उत्सव है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी भाषा हमारे अस्तित्व और पहचान की नींव है और इसे प्रोत्साहित कर हम अपनी जड़ों को सुदृढ़ और विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित कर सकते हैं।
World Hindi Day

Vishwa Hindi Diwas : आज विश्व हिंदी दिवस है। हर साल 10 जनवरी को ये दिन हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और इसके अंतरराष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य हिंदी को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना और अधिक से अधिक लोगों को हिंदी भाषा और इसकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

आज के दिन सीएम डॉ मोहन यादव ने शुभकामनाएं देते हुए X पर लिखा है कि ‘विश्व हिन्दी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिन्दी भाषा, सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। आज का दिन हिन्दी के वैश्विक जयघोष के विचारों को आत्मसात करने का दिन है। आइए, हिन्दी भाषा जो हमारी विरासत है, इसे समृद्ध करने का संकल्प लें और इसके प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।’

विश्व हिंदी दिवस का इतिहास और महत्व

विश्व हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना और इसे अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है। इस दिन, विशेषकर विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

विश्व हिंदी दिवस की शुरुआत 10 जनवरी 2006 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा की गई थी। इस तिथि का चयन इसलिए किया गया क्योंकि 10 जनवरी 1975 को नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हुआ था, जिसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। इस सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, जिससे हिंदी के अंतरराष्ट्रीय महत्व को बल मिला।

इस साल की थीम

हिंदी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, और विश्व हिंदी दिवस के माध्यम से इसके महत्व को और अधिक बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। इस वर्ष, विश्व हिंदी दिवस 2025 की थीम ‘एकता और सांस्कृतिक गौरव की वैश्विक आवाज‘ रखी गई है, जिसका उद्देश्य भाषाई और अंतर्राष्ट्रीय आदान-प्रदान के लिए हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना है।  विश्व हिंदी दिवस के माध्यम से हिंदी भाषा की समृद्धि, उसकी सांस्कृतिक धरोहर और वैश्विक महत्व को उजागर करने का प्रयास किया जाता है, जिससे अधिक से अधिक लोग हिंदी सीखने और अपनाने के लिए प्रेरित हों।

विश्व हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य

विश्व हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्वभर में हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता पैदा करना, हिंदी के प्रति लगाव बढ़ाना और इसे एक अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना है। इस अवसर पर विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों द्वारा हिंदी कविता, निबंध प्रतियोगिताएं, व्याख्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिससे हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति का प्रसार हो सके। हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का परिचायक है। इस दिन के माध्यम से हिंदी भाषा और उससे जुड़ी भारतीय संस्कृति का विश्व में प्रसार होता है। यह दिन भारतीयों को अपनी भाषा पर गर्व करने और इसके महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है। हिंदी दिवस हमें हमारी भाषाई और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और प्रोत्साहित करने की प्रेरणा देता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews