सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बंगाल SIR की तारीख आगे बढ़ी, DGP को कारण बताओ नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल एसआईको लेकर बड़ा फैसला लिया है। जिसकी प्रशंसा टीएमसी ने भी की है। सुनवाई और दस्तावेज जमा करने की डेडलाइन आगे बढ़ा दी गई है। माइक्रो-ऑब्जर्वर्स की भूमिका भी स्पष्ट की है। 
Opposition parties letter to CJI regarding SIR

Opposition parties letter to CJI regarding SIR

पश्चिम बंगाल विशेष ग्रहण पुनरीक्षण (West Bengal SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। इस मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। माइक्रो-आब्जर्वर की भूमिका को भी स्पष्ट किया है। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. अंजरिया की बेंच ने बंगाल में एसआईआर की डेडलाइन भी एक सप्ताह आगे बढ़ा दी है।

अब दस्तावेज सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक चलेगी। पहले डेडलाइन 7 फरवरी थी। इस फैसले के बाद फाइनल वोटर लिस्ट में भी देरी होगी। इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील वरुण सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 10 फरवरी शाम 5:00 बजे तक चुनाव आयोग को 8,500 अधिकारियों की लिस्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इस लिस्ट में से चुनाव आयोग अपनी मर्जी से जरूरत के हिसाब से अधिकारियों को चुन सकता है और उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यभार भी सौंप सकता है।

माइक्रो-ऑब्ज़र्वर को आदेश जारी करने का अधिकार नहीं 

एसआईआर प्रक्रिया में हस्तक्षेप और अधिकारी क्षेत्र पर हो रहे विवाद पर भी कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। अदालत में स्पष्ट कहा है कि माइक्रो आब्जर्वर केवल इलेक्टॉरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एआरओ) और असिस्टेंट इलेक्टॉरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) की मदद कर सकते हैं। जबकि अंतिम फैसला लेने का अधिकार केवल ईआरओ के पास ही रहेगा। कोर्ट के आदेश के तहत माइक्रो आब्जर्वर केवल सहायक भूमिका निभाएंगे। वे किसी प्रकार का अंतिम फैसला या स्वतंत्र आदेश जारी नहीं कर सकते।

डीजीपी को कारण बताओ नोटिस जारी 

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया है। जिसमें चुनावी रोल के एसआईआर के दौरान अधिकारियों के खिलाफ हिंसा के बारे में चुनाव आयोग की शिकायतों के जवाब में एक पर्सनल एफिडेविट देने को भी कहा गया है। सूर्यकांत ने जोर देकर कहा कि कोर्ट सभी राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया में किसी प्रकार की रुकावट बर्दाश्त नहीं करेगा।

टीएमसी की प्रतिक्रिया 

टीएमसी ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की प्रशंसा की है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि, “संवैधानिक बर्बरता को सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर दिया है। यह लोकतंत्र और बंगाल के लिए एक बड़ी जीत है। उन लोगों के लिए एक बड़ी हार है सोचते थे की संस्थाओं को लोगों के खिलाफ हथियार बनाया जा सकता है। नागरिकों के अधिकारों गरिमा और वोट की पवित्रता के लिए लड़ाई जारी रहेगी।”

Manisha Kumari Pandey
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