8 वर्षीय बालक के अपहरण के बाद गांव में भारी हंगामा, सड़क जाम कर ग्रामीणों का प्रदर्शन, आरोपी पुलिस हिरासत में

neemuch child kidnapping

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जावद क्षेत्र के समीप स्थित खोर गांव में एक 8 वर्षीय बालक के अपहरण और उसके साथ अनहोनी की आशंका को लेकर भारी बवाल मच गया। घटना से आक्रोशित होकर बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी विकास पटेल और नयागांव पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को समझाइश देकर शांत कराया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

जानकारी के अनुसार, खोर गांव में बुधवार शाम करीब 6:44 बजे गांव का ही रहने वाला एक व्यक्ति 8 साल के मासूम बालक को अपने साथ ले गया था। जब काफी देर तक बच्चा घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने अपने स्तर पर तलाश शुरू की। बच्चे का कहीं कोई सुराग नहीं मिलने पर घबराए परिजनों ने तुरंत पुलिस चौकी पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल बच्चे की तलाश शुरू कर दी। इसी पुलिसिया दबाव के बीच, देर रात आरोपी बालक को वापस उसके घर के बाहर छोड़कर मौके से फरार हो गया।

परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

देर रात बच्चे के घर लौटने के बाद परिजनों ने आशंका जताई है कि आरोपी द्वारा मासूम के साथ कोई गलत हरकत या शारीरिक शोषण किया गया हो सकता है। जैसे ही यह बात गांव में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीणों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।

पुलिस ने आरोपी को किया राउंडअप

हंगामे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विकास पटेल दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नयागांव पुलिस के साथ मिलकर सड़क पर बैठे ग्रामीणों को शांत कराया और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले के संदिग्ध आरोपी को राउंडअप (हिरासत में) कर लिया है और उससे थाने में सख्ती से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए बालक का चिकित्सकीय (मेडिकल) परीक्षण भी कराया जा रहा है। फिलहाल गांव में शांति है, लेकिन एहतियातन पुलिस बल तैनात है।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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