मजदूरी विवाद में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के गंभीर आरोप

मृतक के परिवार का कहना है कि मारपीट की घटना के बाद उन्होंने जीरन थाने में नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
Neemuch elderly farmer dies

Neemuch elderly farmer dies

नीमच  जिले के जीरन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरवार में एक 63 वर्षीय बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने मौत का कारण कुछ दिन पूर्व मजदूरी के विवाद में हुई मारपीट को बताया है। साथ ही, पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम हरवार निवासी मोहनलाल धानुक को गुरुवार सुबह अचेत अवस्था में जिला चिकित्सालय नीमच लाया गया था। यहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। बुजुर्ग की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि बीते दिनों ग्राम अहमदपुरा निवासी दिनेश, उसके भाई भेरू और एक अन्य व्यक्ति का मोहनलाल के साथ मजदूरी के पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि उक्त दबंगों ने मोहनलाल के घर में घुसकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इस हमले में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आई थीं।

पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

मृतक के परिवार का कहना है कि मारपीट की घटना के बाद उन्होंने जीरन थाने में नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिजनों के मुताबिक, मारपीट के बाद से ही मोहनलाल की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी और अंततः इसी कारण उनकी जान गई।

पुलिस बोली, पीएम रिपोर्ट के बाद होगा एक्शन 

इस मामले में पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने पर मर्ग कायम कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा और उसी आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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