नीमच/रामेश्वर नागदा
सोमवार को जिला मुख्यालय नीमच तथा तहसील मुख्यालय मनासा एवं जावद में म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुरूप जिला न्यायाधीश हृदेश के मार्गदर्शन में ऑनलाइव स्थायी एवं निरन्तर लोक अदालत का आयोजन हुआ।
ऑनलाइन स्थायी एवं निरन्तर लोक अदालत में न्यायालय में लंबित 1473 प्रकरणों को रैफर्ड किया गया था, जिनमें से 34 प्रकरण निराकृत हुये, जिनमें 21,64,124/- रूपये के अवार्ड पारित होकर 103 व्यक्ति लाभान्वित हुये। न्यायालय में लंबित प्रकरणों में सबसे अधिक 13 चैक बाउन्स के प्रकरण (एन.आई. एक्ट धारा 138 से संबंधित प्रकृति के मामले) उक्त लोक अदालत के माध्यम से निराकृत हुये। इसके अतिरिक्त सिविल प्रकृति के 9 आपराधिक शमनीय प्रकृति के 4 प्रकरण, मोटर दुर्घटना क्लेम संबंधित 4 प्रकरण, पारिवारिक विवादों से संबंधित 4 मामले, सहित कुल 34 न्यायालय में लंबित प्रकरण निराकृत हुये।
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Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।