भारतीय रेलवे की नजर में किसी भी ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्री उसके लिए एक समान हैं इसलिए जब सुविधा देने की बात आती है तो शायद वो इसे भूल जाती है वर्ना दक्षिण भारत और भारत के अन्य क्षेत्रों की ट्रेनों में दी जाने वाली सुविधाओं में भेदभाव नहीं करती , रेलवे के इस सौतेले व्यवहार से जनता में आक्रोश है ।
दक्षिण भारत की ट्रेनों में जहाँ आज भी सेकंड सिटिंग (2S) जैसी किफायती श्रेणी उपलब्ध है, वहीं नीमच–मंदसौर क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों से रेलवे ने 2S कोच हटाकर थर्ड एसी कोच बढ़ा दिए हैं। इससे आम जनता में गहरा आक्रोश है।
चेन्नई से मंगलुरू (983 किमी) के बीच चलने वाली MS-MAQ एक्सप्रेस (16159/16160) समेत कई ट्रेनों में यात्री केवल 15 रुपये अतिरिक्त देकर 2S कोच में आरक्षित सीट प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन, इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस (14801/14802) जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों से यह सुविधा हटा दी गई है।
यात्रियों की नाराज़गी का कारण
नाराज यात्रियों कहा कहना है कि रेलवे वातानुकूलित कोच बढ़ाए इसमें कोई आपत्ति नहीं है, परंतु 2S कोच हटाकर यह करना गलत है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्रीय प्रतिनिधि और मंत्री एक ही राजनीतिक दल से होने के बावजूद यहाँ के यात्रियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जबकि दक्षिण भारत में ऐसी स्थिति न होते हुए भी आम आदमी के हितों की अनदेखी नहीं की जाती।
स्थानीय संगठनों की प्रमुख मांगें
- 14801/14802 इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस में 2S कोच जोड़े जाएं।
- जयपुर-उदयपुर ट्रेन (09721/09722) को सामान्य किराया श्रेणी में लाया जाए, इसमें 2S कोच और चित्तौड़गढ़ स्टॉपेज मिले।
- 12465/12466 इंदौर-जोधपुर में 2S कोच जोड़े जाएं।
- 19337/19338 इंदौर-दिल्ली एक्सप्रेस को साप्ताहिक से दैनिक चलाया जाए।
- जयपुर-हैदराबाद ट्रेन को डेली और सामान्य किराया श्रेणी में चलाया जाए।
- अजमेर-भागलपुर ट्रेन को वाया नीमच-मंदसौर चलाया जाए।
- नीमच–मंदसौर होकर पहले चलने वाली अजमेर-कोलकाता, जयपुर-काचीगुड़ा (मीनाक्षी एक्सप्रेस), मंदसौर-हरिद्वार/देहरादून ट्रेनों को बहाल किया जाए।
- मंदसौर-कोटा एक्सप्रेस में 2S और रतलाम-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस में 2S व थर्ड एसी कोच जोड़े जाएं।
- नीमच के उपनगर के रूप में जमुनिया कलां स्टेशन का निर्माण कराया जाए।

नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट





