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राजस्थान की प्रतापगढ़ पुलिस ने एक बड़े और हाई-टेक ऑनलाइन आईपीएल सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस पूरे अवैध नेटवर्क को राजस्थान में बैठकर ऑपरेट करने वाले दो मुख्य ‘मास्टरमाइंड’ मध्य प्रदेश के नीमच जिले के निकले हैं। मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए ये सटोरिए सीमावर्ती क्षेत्र का फायदा उठाकर प्रतापगढ़ से अपना काला कारोबार चला रहे थे। पुलिस ने फार्म हाउस पर दबिश देकर कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 12 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक के सट्टे के हिसाब-किताब का चौंकाने वाला खुलासा किया है।
पुलिस कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों में से दो मुख्य सटोरिये नीमच जिले के रहने वाले हैं, जो मास्टरमाइंड की भूमिका में थे और पूरे नेटवर्क को यहीं से ऑपरेट कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए 6 अंतरराज्यीय आरोपियों में (1) हर्षवर्धन अग्रवाल (उम्र 27), निवासी जैन कॉलोनी, नीमच (मास्टरमाइंड), (2) पुरुषोत्तम रेगर (उम्र 24), निवासी सेमार्डा, नीमच (मास्टरमाइंड), (3) प्रिंस कुमार, निवासी जालंधर (पंजाब), (4) लखपत बिश्नोई, निवासी गंगानगर (राजस्थान), (5) हरमन सिंह, निवासी श्रीगंगानगर (राजस्थान) और (6) रामबाबू मुखिया, निवासी दरभंगा (बिहार) शामिल हैं।
फार्म हाउस को बना रखा था सट्टे का सुरक्षित अड्डा
प्रतापगढ़ के जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में 8 अप्रैल को सर्वोदया स्कूल के पास स्थित एक फार्म हाउस पर पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश दी। छापेमारी के दौरान पहली मंजिल के हॉल में ये सभी आरोपी लैपटॉप और मोबाइल के जरिए सट्टा संचालित करते रंगे हाथों पकड़े गए। पुलिस को देखकर इन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया गया।
12.5 करोड़ का ट्रांजैक्शन और हाई-टेक उपकरण जब्त
सट्टेबाजी के इस अड्डे से पुलिस ने मिनी कंट्रोल रूम जैसा सेटअप बरामद किया है। जांच में 24 अक्टूबर 2025 से 8 अप्रैल 2026 तक का रिकॉर्ड मिला है, जिसमें करीब 12 करोड़ 54 लाख 45 हजार रुपये के लेन-देन का विवरण सामने आया है। सिर्फ 8 अप्रैल को ही लाखों रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया था। मौके से भारी मात्रा में उपकरण जब्त किए गए हैं इसमें 6 लैपटॉप, 38 मोबाइल फोन , 48 सिम कार्ड , CCTV कैमरा, वाई-फाई डिवाइस, ATM कार्ड और रजिस्टर शामिल हैं
ऐसे चलता था सट्टे का यह अंतरराज्यीय नेटवर्क*
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। वे ग्राहकों को Star66, Diamondexch, Lotus, 247 और Star-777 जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए दांव लगवाते थे और आईडी-पासवर्ड देकर पैसों के बदले पॉइंट्स देते थे। सट्टे की बुकिंग और पैसों का पूरा लेन-देन Telegram, WhatsApp और PhonePe के माध्यम से किया जाता था। जीतने पर तुरंत भुगतान भी कर दिया जाता था।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 318(4), 61(2), 112(2), आईटी एक्ट की धारा 66D और आरपीजीओ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। नेटवर्क से जुड़े नीमच और अन्य शहरों के अन्य गुर्गों की भी तलाश की जा रही है।
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