नीमच में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) मध्य प्रदेश इकाई ने फसल वर्ष 2026-27 की अफीम काश्त लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर प्रेस नोट जारी किया है। दरअसल विभाग ने अफीम काश्तकार किसानों और आम लोगों से अपील की है कि वे दलालों के झांसे में न आएं और किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर भरोसा न करें। विभाग के मुताबिक अफीम नीति जल्द जारी की जाएगी।
वहीं उप नारकोटिक्स आयुक्त कार्यालय के अनुसार भारत सरकार हर साल की तरह इस बार भी अफीम लाइसेंस आवंटन के लिए सामान्य पात्रता शर्तें तय करेगी। नीति अधिसूचित होने के बाद उसी के आधार पर पात्र और अपात्र किसानों की सूची तैयार की जाएगी और संबंधित जिला अफीम अधिकारी कार्यालय की ओर से वर्ष 2026-27 के लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
अफीम नीति 2026-27 की जानकारी कहां मिलेगी?

दरअसल नारकोटिक्स विभाग ने स्पष्ट किया है कि अफीम नीति जारी होते ही उसे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.cbn.nic.in पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से भी इसका प्रकाशन कराया जाएगा, ताकि किसानों तक आधिकारिक जानकारी पहुंच सके। विभाग के मुताबिक नीति में तय नियमों के आधार पर संभावित पात्र और अपात्र किसानों की सूची भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद संबंधित जिला अफीम अधिकारी कार्यालय की ओर से पात्र किसानों को वर्ष 2026-27 के लाइसेंस जारी किए जाएंगे। विभाग ने यह भी कहा है कि लाइसेंस प्रक्रिया से जुड़ी सही जानकारी सिर्फ आधिकारिक माध्यमों से ही मान्य होगी। इसलिए किसानों को किसी भी अनधिकृत व्यक्ति से मिली जानकारी के आधार पर कोई कदम नहीं उठाना चाहिए। विभाग ने अपील की है कि नीति जारी होने तक केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
पैसे मांगने वालों से सावधान रहने की अपील
वहीं नारकोटिक्स विभाग ने किसानों को खास तौर पर दलालों और अफवाहों से बचने की सलाह दी है। विभाग ने कहा कि अफीम नीति भारत सरकार की ओर से उच्च स्तर पर तय की जाती है और अधिसूचना जारी होने से पहले किसी भी व्यक्ति, स्थानीय अधिकारी या कर्मचारी को इसकी जानकारी नहीं होती। विभाग ने साफ किया है कि अगर कोई व्यक्ति अफीम लाइसेंस दिलाने के नाम पर अवैध राशि या रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत सबूत के साथ विभागीय उच्चाधिकारियों, भ्रष्टाचार निरोधक संस्था या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) भोपाल में की जा सकती है।
कमलेश सारडा, नीमच






