नीमच। सोमवार की शाम मध्य प्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित नयागांव चेकपोस्ट अचानक युद्ध का मैदान जैसा नजर आने लगा। त्योहार की गहमागहमी के बीच यहां जो कुछ घटा, उसने बॉर्डर पर परिवहन विभाग की कार्यशैली और लंबे समय से दबे असंतोष के ज्वालामुखी को एक झटके में फोड़ दिया।
घटनाक्रम की शुरुआत शाम के वक्त हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चेकिंग के नाम पर रोके गए एक वाहन चालक और बैरियर अमले के बीच बहस छिड़ गई। आरोप है कि बात सिर्फ नोकझोंक तक सीमित नहीं रही, बल्कि चालक के साथ हाथपाई और बदसलूकी की गई।
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जैसे ही यह खबर हाईवे पर फैली, रास्ते से गुजर रहे अन्य भारी वाहन चालकों का सब्र का बांध टूट गया। देखते ही देखते कई राज्यों से आ रहे ट्रक चालकों ने अपने वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े कर दिए और आरटीओ कर्मियों के रवैये के खिलाफ लामबंद हो गए।
“एकता जिंदाबाद” के नारों से गूंजा हाईवे, किलोमीटरों तक थमे पहिए
सड़क पर उतरे ड्राइवरों ने जब एकजुट होकर नारे लगाने शुरू किए, तो पूरा नीमच-महू मार्ग ठप पड़ गया। दोनों तरफ कारों, बसों और ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं। त्योहार के मौके पर अपने घरों को लौट रहे आम मुसाफिर और परिवार घंटों तक इस जाम में फंसे बेबस नजर आए।
गुमटी में लपटें, मैदान छोड़कर भागे कर्मचारी
तनाव इतना बढ़ा कि बैरियर परिसर में मौजूद आरटीओ की एक अस्थाई गुमटी (केबिन) में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। आगजनी होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को बेकाबू होता देख वसूली और चेकिंग में मुस्तैद रहने वाला अमला मौके से नदारद हो गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, पर उठे गहरे सवाल
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने की मशक्कत शुरू हुई।
हालांकि, इस घटना ने बॉर्डर पर चलने वाली चेकिंग व्यवस्था की कलई खोल दी है, सवाल उठ रहे हैं कि क्या रूटीन जांच के नाम पर सीमावर्ती चौकियों पर मनमानी और उत्पीड़न की शिकायतें आम हो चुकी हैं? ऐसा क्या हुआ जिसने चालकों को कानून हाथ में लेने और चक्काजाम करने पर मजबूर कर दिया? फिलहाल प्रशासन आगजनी और चक्काजाम के पहलुओं की जांच कर रहा है, लेकिन नयागांव बैरियर की यह घटना परिवहन विभाग के लिए एक गंभीर चेतावनी छोड़ गई है।
कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट
