नीमच। जिले में नारकोटिक्स और अन्य नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा और पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के नेतृत्व में हुई जिला स्तरीय NCORD (नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन) समिति की इस बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर नशे के खिलाफ एक ठोस कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
प्रशासन का मुख्य जोर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने पर है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें सामाजिक जागरूकता और पुनर्वास को भी बराबर महत्व दिया जाएगा।
अवैध खेती और हॉटस्पॉट पर रहेगी पैनी नजर
बैठक में अफीम और भांग जैसी मादक फसलों की अवैध खेती पर ड्रोन और अन्य आधुनिक तरीकों से निगरानी को और मजबूत करने का फैसला किया गया। अधिकारियों ने जिले के उन क्षेत्रों और हॉटस्पॉट का आकलन करने का निर्देश दिया, जो नशे से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन चिन्हित स्थानों पर युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए विशेष जागरूकता अभियान और शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, मादक फसलों से प्रभावित इलाकों में किसानों को वैकल्पिक विकास कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
स्कूल-कॉलेजों से लेकर पुनर्वास केंद्रों तक फोकस
नशे की रोकथाम के लिए बनाई गई इस कार्ययोजना में शिक्षण संस्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्कूलों और कॉलेजों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जिले में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि वहां भर्ती लोगों को सही इलाज मिल सके। समिति ने नशे के आदी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक समन्वित प्रयास करने पर भी जोर दिया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसौदिया, अधीक्षक केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो परवीन धुल एवं जे.पी. मीना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डी. प्रसाद, जिला शिक्षा अधिकारी एस.एम. मांगरिया और ड्रग इंस्पेक्टर शोभित कुमार तिवारी सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





