मध्य प्रदेश के नीमच जिले में एथेनॉल फैक्ट्री में काम करने वाले एक कंप्यूटर ऑपरेटर की अचानक हुई मौत ने लोगों को हैरान कर दिया है। जानकारी के मुताबिक रविवार की दोपहर करंट लगने से 32 वर्षीय इस युवक की मौत हो गई। ये घटना जिले के जीरन के चल्दु गांव की बताई जा रही है।
कंप्यूटर ऑपरेटर युवक की पहचान 32 वर्षीय मनीष के रूप में हुई है जो ग्राम चंगेरी का रहने वाला था। घटना से आहत परिजन और ग्रामीणों में नीमच मंदसौर हाईवे पर चक्का जाम भी कर दिया। इस वजह से सड़क के दोनों तरफ 5 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली। करीब 4 घंटे तक चक्का जाम का ये सिलसिला चलता रहा।
काम के समय हुआ हादसा
इस मामले से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक मनीष रविवार की सुबह 9 बजे काम करने के लिए फैक्ट्री गया था। यहां उसे करंट लग गया और वह बेहोश हो गया। साथ में काम करने वाले कर्मचारी उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजन कर रहे मुआवजे की मांग
मनीष की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों को हाईवे पर चक्का जाम करते हुए देखा गया। मृतक के परिवार का कहना है कि उन्हें एक करोड रुपए मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसी के साथ जिम्मेदारों पर कार्रवाई करते हुए परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी मिलनी चाहिए। अपनी इस मांग को लेकर परिजन और ग्रामीणों ने हाईवे पर लगभग 4 घंटे तक चक्काजाम किया। समझाइश के बाद ये मामला शांत हुआ।
परिवार का क्या कहना
इस मामले में मनीष के परिवार का कहना है की फैक्ट्री की ओर से उन्हें करंट लगने की जानकारी दी गई थी। जब हम अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में फैक्टी का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। सबके मालिक भी मौके पर नहीं आया। मनीष घर का अकेला कमाने वाला था। उसकी पत्नी 7 माह की गर्भवती है। इस हादसे से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस कर रही जांच
पूरा मामला सामने आने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मामला दर्ज करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है और यह समझने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किस वजह से हुआ। परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई है।






