नीमच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की पटना टीम ने मध्य प्रदेश के नीमच में एक बड़ी और गोपनीय कार्रवाई को अंजाम देते हुए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) के इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव को हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई गुरुवार देर रात सीबीएन परिसर स्थित सरकारी आवास (सीबीएन कॉलोनी) में की गई। इस अचानक हुई छापेमारी से नारकोटिक्स महकमे में हड़कंप मच गया है।
डिजिटल रिश्वत के सुराग पर पटना से पहुंची टीम
जानकारी के अनुसार इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत डिजिटल लेन-देन और रिश्वतखोरी की ठोस शिकायत सीबीआई मुख्यालय पटना (बिहार) को मिली थी। तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रांजेक्शन के पुख्ता सुराग मिलने के बाद, पटना से सीबीआई की विशेष टीम सीधे नीमच पहुंची और गुरुवार देर रात अधिकारी के सरकारी आवास पर दबिश दी।
लाखों की नकदी और अहम दस्तावेज जब्त
छापेमारी के दौरान सीबीआई की टीम ने आवास के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली। इस दौरान मौके से लाखों रुपये की नकदी, संदेहास्पद बैंक लेन-देन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। टीम ने मौके पर ही कागजी औपचारिकताएं पूरी कर इंस्पेक्टर को अपनी कस्टडी में ले लिया।
कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड
हिरासत में लेने के बाद सीबीआई की टीम ने आरोपी इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव को नीमच जिला न्यायालय में पेश किया। टीम ने मामले की अग्रिम तफ्तीश और साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ने के लिए अदालत से ट्रांजिट रिमांड की मांग की, ताकि उन्हें पटना ले जाकर विस्तृत पूछताछ की जा सके।
सीबीएन जैसे संवेदनशील केंद्रीय विभाग में बिहार सीबीआई की इस सीधी एंट्री के बाद महकमे में सन्नाटा पसरा हुआ है। माना जा रहा है कि पटना में होने वाली पूछताछ के बाद इस सिंडिकेट और रिश्वतखोरी के नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। मामले में विस्तृत जांच जारी है
कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट






