मध्य प्रदेश के नीमच में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। कर्मचारियों को वेतन का अनियमित भुगतान और सुविधाओं की कमी का लगातार सामना करना पड़ रहा है। जिसको लेकर उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले 2 महीने से वेतन और 11 महीने का एरियर नहीं मिला है जिससे उनका आर्थिक संकट गहरा गया है। आक्रोशित कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है।
जानकारी के अनुसार, विरोध कर रहे कर्मचारियों में गार्ड, वार्ड बॉय, आया और सफाईकर्मी सहित लगभग 350 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी सीड मैप कंपनी के माध्यम से जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बकाया भुगतान करने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
कर्मचारियों पर मंडराया आर्थिक संकट
आक्रोशित कर्मचारियों ने अपनी मांग रखते हुए बताया कि दो महीन से वेतन और 11 महीने का एरियर न मिलने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार को चलाना भी मुश्किल है। हालात ऐसे बन गए हैं कि नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों के स्कूल की फीस भरने, घर का राशन खरीदने और ड्यूटी पर आने-जाने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं बचे हैं।
उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी इस कदर परेशान कर रही है कि हम कर्ज लेने के लिए मजबूर हो गए हैं जिसका ब्याज भी दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जब इस विषय में वे अपने स्थानीय अधिकारियों से बात करते हैं तो जवाब मिलता है कि भोपाल से बजट ने आना वेतन न मिलने की वजह है।
आउटसोर्स कर्मचारियों की प्रशासन को दो टूक चेतावनी
आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों का सब्र टूट चुका है। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी तक दे डाली। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि अगर जल्द से जल्द उनके बकाया वेतन और एरियर का एकमुश्त भुगतान नहीं किया गया तो वे काम बंद कर देंगे और साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल करते हुए उग्र आंदोलन करेंगे।
हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि जैसे ही फंड जारी होगा, सभी कर्मचारियों का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि, कर्मचारियों के अल्टीमेटम को देखते हुए आने वाले दिनों में जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने और व्यवस्थाओं के चरमराने की आशंका बनी हुई है।





