
Patwaris protes in Neemuch
वर्षों से अपनी लंबित मांगों की अनदेखी से नाराज मध्य प्रदेश का पटवारी संवर्ग अब खुलकर मैदान में आ गया है और आर-पार की लड़ाई के मूड में है। बुधवार को मध्य प्रदेश पटवारी संघ (जिला नीमच) ने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह परिहार को एक ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ और लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो वे आगामी सभी शासकीय योजनाओं के कार्यों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे।
पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने विधायक दिलीप सिंह परिहार से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। पटवारियों का कहना है कि वे शासन की हर छोटी-बड़ी योजना को धरातल पर उतारने का काम करते हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों को वर्षों से नजरअंदाज किया जा रहा है। सरकार की इस बेरुखी से पूरे कैडर में भारी रोष है।
ज्ञापन में शामिल पटवारियों की 5 प्रमुख मांगें
कैडर रिव्यू और पदोन्नति: पटवारी कैडर का रिव्यू लागू किया जाए, जिससे उन्हें समयबद्ध पदोन्नति और समयमान वेतनमान का उचित लाभ मिल सके।
विभागीय परीक्षा का नियमितीकरण: पिछले 25 वर्षों में नायब तहसीलदार के पद के लिए केवल एक बार विभागीय परीक्षा आयोजित की गई है। संघ की मांग है कि इस परीक्षा को नियमित रूप से आयोजित किया जाए ताकि पटवारियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
सुरक्षा की गारंटी: मैदानी स्तर पर काम करते समय पटवारियों को कई तरह के विवादों और खतरों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए पटवारियों को ‘जज प्रोटेक्शन एक्ट’ के दायरे में शामिल किया जाए।
लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान: स्वामित्व योजना, कृषि संगणना, लघु सिंचाई संगणना और फार्मर आईडी बनाने जैसे विभिन्न अतिरिक्त शासकीय कार्यों का मानदेय वर्षों से अटका पड़ा है। इसका तुरंत भुगतान किया जाए।
नियम विरुद्ध तबादले निरस्त हों: पटवारी संघ के पदाधिकारियों के जो कथित नियम विरुद्ध स्थानांतरण किए गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी और आगे की राह
ज्ञापन सौंपते हुए पटवारी संघ के अध्यक्ष ने दो टूक कहा है कि यदि सरकार इन 5 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेश भर का पटवारी संवर्ग शासकीय कार्यों से विरत रहेगा। वहीं ज्ञापन लेने के बाद भाजपा विधायक ने कहा दिलीप सिंह परिहार पटवारी भी कर्मचारी हैं और हमारी सरकार कर्मचारी हित फैसले लेती रही है मैं उनकी मांगों के समबन्ध में स्वयं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा से मुलाकत कर उनके सामने रखूँगा।
भोपाल जाकर धरना देने की चेतावनी
बता दें मध्य प्रदेश के पटवारी पिछले 15 दिनों से आंदोलन पर हैं, इन सभी ने 3 अगस्त को अपने बस्ते भी जमा कर दिए हैं, पटवारी संघ ने कहा हमारा आंदोलन अभी जारी है और कल से हम सभी धरने पर बैठेंगे और यदि फिर भी हमारी मांगे नहीं मानी गई तो भोपाल जाकर धरना देंगे।
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

