नीमच। मध्य प्रदेश और राजस्थान के अफीम किसानों का नई नीति को लेकर लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने शुक्रवार देर रात अफीम नीति 2026-27 जारी कर दी है। पिछले साल के मुकाबले करीब 40 दिन की देरी से आई इस नीति के बाद अब किसान अफीम की खेती की तैयारी आगे बढ़ा सकेंगे। हालांकि, नीति का आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड होना अभी बाकी है।
नई नीति का इंतजार मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर और रतलाम के साथ राजस्थान के चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और झालावाड़ जिलों के अफीम किसानों को था। इन इलाकों में बड़ी संख्या में किसान अफीम की खेती करते हैं। नीति जारी होने से पट्टाधारक किसानों को राहत मिली है।
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देरी से बढ़ रही थी किसानों की चिंता
इस बार अफीम नीति जारी होने में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 40 दिन अधिक लगे। बुवाई का समय नजदीक आने के बावजूद नीति घोषित नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ रही थी। कई इलाकों में देरी के विरोध में आंदोलन की चर्चाएं भी शुरू हो गई थीं। अब नीति की घोषणा के बाद किसान खेतों की जुताई और बुवाई की तैयारियों में जुट सकेंगे।
सांसद सीपी जोशी ने दी जानकारी
चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने नई अफीम नीति जारी होने की जानकारी साझा करते हुए किसानों को बधाई दी है। हालांकि, नीति की विस्तृत शर्तें और पात्रता संबंधी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल किसानों को नई नीति के विस्तृत प्रावधानों का इंतजार है। इन्हीं के आधार पर यह तय होगा कि किन किसानों को अफीम की खेती के लिए लाइसेंस मिलेगा और उन्हें किन शर्तों का पालन करना होगा।
