PM Awas Yojana: मकानों में अंधेरा, बिजली कनेक्शन व रजिस्ट्री के अभाव में हितग्राही परेशान, कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन

हितग्राहियों का कहना है कि रजिस्ट्री के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की जा रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए असंभव है। बिना रजिस्ट्री के बिजली मीटर कनेक्शन भी नहीं दिया जा रहा।
PM Awas Yojana beneficiaries troubled Neemuch

PM Awas Yojana beneficiaries troubled Neemuch

प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत आवंटित मकानों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव से त्रस्त हितग्राहियों ने मंगलवार को नीमच कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आक्रोश जताया। कांग्रेस नेता व नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें बिजली मीटर लगाने, रजिस्ट्री कराने और अन्य सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की मांग की गई।

अंधेरे में गुजारा, बच्चे कैसे करें पढ़ाई

धनतेरस के अवसर पर जैसे-तैसे मकान आवंटित तो कर दिए गए, लेकिन आज तक इनमें विद्युत मीटर नहीं लगे हैं। गरीब परिवार अंधेरे में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। रात में दीपक-चिराग की मद्धम रोशनी में रहना पड़ रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और परिवार की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि उद्घाटन के दौरान जनरेटर या अस्थायी साधनों से दिखावे की बिजली जलाकर फोटो खिंचवाई गई, लेकिन आवंटन के बाद मकान फिर अंधेरे में डूब गए।

रजिस्ट्री पर एक लाख की मनमानी मांग

ज्ञापन में रजिस्ट्री को लेकर भी गंभीर शिकायतें दर्ज की गईं। हितग्राहियों का कहना है कि रजिस्ट्री के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की जा रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए असंभव है। बिना रजिस्ट्री के बिजली मीटर कनेक्शन भी नहीं दिया जा रहा। यदि रजिस्ट्री नहीं हुई तो भविष्य में मकान के स्वामित्व अधिकारों को लेकर बड़ी परेशानी हो सकती है। कई हितग्राही कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

नेताओं ने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने कहा, “पीएम आवास योजना गरीबों के लिए वरदान है, लेकिन बिना बिजली और रजिस्ट्री के यह बोझ बन गई है। हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि हितग्राहियों को शीघ्र राहत दी जाए।” हितग्राहियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। कलेक्टर कार्यालय से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, लेकिन ज्ञापन प्राप्त होने के बाद संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाने की संभावना है। यह घटना नीमच जिले में योजना क्रियान्वयन की कमियों को उजागर करती है, जहां सैकड़ों हितग्राही इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं।

कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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