रेत माफिया ने निकलवाई डुबोई नाव! प्रशासन को खुला चैलेंज, वीडियो जारी कर कहा- क्या सोचा था लौटेंगे नहीं?

रेत माफिया की इस दबंगई के पीछे प्रशासनिक मिलीभगत की बात से इंकार नहीं किया जा सकता, अब यदि सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो प्रशासन के प्रति जनता के मन में एक अलग राय बन सकती है जिसे बदल पाना उसके लिए बहुत मुश्किल हो जायेगा।
illegal sand excavation

मध्य प्रदेश सरकार में रेत माफिया बेख़ौफ़ है, वो कितना दबंग है इसका प्रमाण उसने एक बार फिर दे दिया है, उसने न सिर्फ नीमच जिला प्रशासन को खुली चुनौती दी है बल्कि शासन को भी ये बताने का प्रयास किया है कि हम जो चाहते हैं वो करते हैं हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। सोशल मीडिया पर रेत माफिया का ये खुला चैलेंज वाला वीडियो वायरल हो रहा है।

दरअसल गांधीसागर बैंक वाटर एरिया में रेत माफिया के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए नीमच जिला प्रशासन ने चार दिन पहले उनकी नावों और फाइटर मशीनों को डुबो दिया था, लेकिन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर तंज कसा – “क्या सोचा था लौटकर नहीं आएंगे, जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।”

संयुक्त कार्रवाई के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत

11 सितंबर को मनासा के खानखेड़ी क्षेत्र में जिला प्रशासन की टीम ने अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 फाइटर मशीनें और 4 छोटी नावों को पानी में डुबो दिया था। इस कार्रवाई को लेकर माना जा रहा था कि माफिया अब पीछे हटेंगे, लेकिन उलटे उन्होंने चुपचाप अपनी वापसी की तैयारी शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक डुबाई गई नावों में से एक को माफिया बाहर निकलवा चुके हैं, जबकि बाकी निकालने के लिए गोताखोर हायर किए गए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ चैलेंज

सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने प्रशासन की सख्ती की पोल खोल दी। एक वीडियो में नई फाइटर मशीन को ट्रक से कच्चे रास्ते पर गांधीसागर वाटर एरिया ले जाते दिखाया गया है। बैकग्राउंड में राजस्थानी गाना बज रहा है – “लो फिर आ गए, सब राजीशुखी…” दूसरे वीडियो में रेत माफिया पानी में खड़ी नाव से सीधे अवैध खनन करते नजर आ रहे हैं। वीडियो पर लिखे कमेंट्स और गाने के बोल साफ संकेत दे रहे हैं कि यह प्रशासन को सीधी चुनौती है।

लोगों ने उठाए सवाल, प्रशासन खामोश

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर जिला प्रशासन को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। लोग कह रहे हैं कि जब माफिया इतने खुलेआम वीडियो डालकर चुनौती दे रहे हैं, तो प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? मामले में एसडीएम किरण आंजना से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। प्रशासन की चुप्पी ने आमजन में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।

नीमच जिले में रेत माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे न केवल अवैध खनन कर रहे हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर खुलेआम प्रशासन को चुनौती भी दे रहे हैं। “क्या सोचा था लौटकर नहीं आएंगे…” – यह वाक्य अब जिले में प्रशासन की सख्ती पर सवालिया निशान बन गया है।

नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews