
मन्दसौर/तरूण राठौर
मन्दसौर। जहां लोकडाउन कर्फ्यू के चलते लोग घरों में पैक है। ऐसे में कही भी शहनाई की आवाज नहीं सुनाई दे रही है बस चारो ओर कोरोना का कोराहाम ही कोराहाम है। इसी बीच आज नगर में हिंदू रीति रिवाज में मुहूर्त के अनुसार ही विवाह संपन्न किए जाते हैं। आज अक्षय तृतीया होने के कारण यह विशेष संयोग वाला मुहूर्त है।मंदसौर अफीम गोदाम रोड पर भंडारी परिवार में आज अक्षय तृतीया पर लाँक डाउन होने की वजह से परिवार के सीमित सदस्यों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क लगाते हुए वर और वधु ने एक दूसरे को माला पहनाई ऐसी शादी को इस समय में आदर्श शादी माना जाएगा।जिसमें सोशल डिस्टेंस का भी पालन किया गया एवं मास्क भी लगाए गए कलेक्टर से शादी के लिए अनुमति भी लि गई ।
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

