इस जिले में गणेश प्रतिमाएं हटाए जाने पर गरमाया मामला , बजरंग दल कार्यकर्ता पहुंचे एसपी ऑफिस

इस जिले में गणेश प्रतिमाएं हटाए जाने पर गरमाया मामला , बजरंग दल कार्यकर्ता पहुंचे एसपी ऑफिस

खंडवा, सुशील विधानी

देश भर में गणेशोत्सव कोरोना काला में भी लोग नियमों का पालन करते हुए धूम-धाम से मना रहे है। लोगों ने अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को स्थापित किया है। वहीं खंडवा से एक मामला सामने आया है, जहां जिले के गांवमाखन थाने की देशगांव चौकी में स्थापित की गई भगवान गणेश की प्रतिमा को टीआई द्वारा हटाया गया है, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

प्रतिमा हटाने का मामला सामने आने पर क्रोधित हिंदू संगठन सड़कों पर आ गया है, वहीं आज खंडवा के बजरंग दल के कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश प्रकट किया। साथ ही टीआई मोहन सिंह सिंगोरे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की  और उन्हें तत्काल सस्पेंड करने की मांग की है।

बजरंग दल के नवनीत अग्रवाल ने बताया कि देशगांव चौकी में गणेश चतुर्थी पर गणेश प्रतिमा स्थापित की गई थी।लेकिन हठधर्मिता के चलते देशगांव चौकी के टीआई द्वारा मूर्ति को हटा दिया गया,टीआई द्वारा पंडित को भी धमकाया गया।इसी को लेकर आज बजरंग दल के कार्यकर्ता द्वारा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह को ज्ञापन देने पहुंचे और जल्द ही उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है,यदि मांग पूरी नहीं होती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews