
पन्ना। लॉक डाउन होने के कारण मेहमानों का आना जाना बंद है इस कारण पन्ना टाइगर रिजर्व के रेस्ट मैं बाघिन मेहमान बनकर पहुंच गई। बाकायदा वह एक सोफे के पास बैठकर घंटो आराम फरमाती रही जिसे देखकर कर्मचारी घबरा गए और दूर भागे तभी टाइगर रिजर्व के एक कर्मचारी ने फोटो खींच लिया जो इस समय वायरल हो रही है जिसकी पुष्टि फील्ड डायरेक्टर के एस भदौरिया ने की है।
उन्होंने बताया कि बाघिन 213 ताल गांव के रेस्ट हाउस में पहुंच गई थी जिसका चित्र हमारे कर्मचारियों ने खींचा है।वही रात में बफर जोन में तीन शावकों मिले है जो पन्ना टाइगर रिजर्व के बाहर अपनी मां के साथ विचरण कर रहे हैं जिससे यह माना जा रहा है कि इंसानी दखल कम होने के कारण जंगली जानवर अब जंगल से बाहर बाहरी क्षेत्र में घूम रहे हैं
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

