रायसेन में रिपेयर हो रहा 40 साल पुराना पुल भरभराकर गिरा, चार लोग घायल, भोपाल रेफर, यातायात बाधित

किसान पदम् सिंह ने बताया कि एक मोटर साइकिल और एक स्कूटी पुल के साथ ही नीचे आ गिरी उसके साथ तीन लोग भी नीचे गिरे वो गंभीर रूप से घायल हो गए इसके अलावा नीचे काम कर रहा कर्मचारी भी घायल हो गया।
Raisen bridge collapsed

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बरेली क्षेत्र में 40 साल पहले बनाया गे एक पुल आज अचानक भरभराकर गिर पड़ा, घटना उस समय हुई जब पुल के नीचे उसकी मरम्मत का काम चल रहा था, ऊपर से ट्रैफिक चल रहा था अचानक पुल का बड़ा हिस्सा धराशायी हो गया उसके साथ एक बाइक और एक स्कूटी नीचे आ गिरी जिपर सवार लोग और नीचे काम कर रहा कर्मचारी घायल हो गया सही को बरेली में प्राथमिक उपचार देने के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया।

रायसेन जिले के बरेली पिपरिया मार्ग का नयागंव पुल आज सोमवार को अचानक धराशायी हो गया, इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में जैत (सीहोर) के दो निवासी और बरेली के धोखेड़ा गांव के दो निवासी शामिल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए बरेली सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन गंभीर स्थिति देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया गया।

40 साल पुराना पुल भरभराकर गिरा 

प्रत्यक्षदर्शी किसान पदम् सिंह धाकड़ ने बताया कि उसका खेत पुल के पास है, उसने बताया कि पुल लगभग 40 वर्ष पुराना है कमजोर और ख़राब हो गया था कई बार पीडब्ल्यूडी से इसकी शिकायत की गई थी पांच साल बाद सुनवाई हुई और इस समय इसकी मरम्मत का काम शुरू हुआ था नीचे कर्मचारी मरम्मत का काम कर रहा था तभी पुलिस गिर पड़ा।

सभी घायल भोपाल रेफर  

किसान पदम् सिंह ने बताया कि एक मोटर साइकिल और एक स्कूटी पुल के साथ ही नीचे आ गिरी उसके साथ तीन लोग भी नीचे गिरे वो गंभीर रूप से घायल हो गए इसके अलावा नीचे काम कर रहा कर्मचारी भी घायल हो गया। सभी को भोपाल रेफर किया गया है।

प्रशासन मौके पर, यातायात बाधित  

घटना के बाद थाना प्रभारी एसडीओपी तहसीलदार मौक़े पर मौजूद। घटना के चलते बरेली पिपरिया मार्ग यातायात अवरुद्ध हो गया है वैकल्पिक मार्ग से यातायात को डायवर्ट कराने के प्रयास किये जा रहे हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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