राजस्थान के टोंक जिले के सरकारी महिला अस्पताल में छिड़े हिजाब विवाद में अब बीजेपी के फायरब्रांड विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य भी शामिल हो गए हैं। जयपुर की हवामहल सीट से विधायक बालमुकुंद ने अस्पताल की महिला डॉक्टर अंजू गुप्ता का खुलकर समर्थन किया है। अंजू गुप्ता ने मुस्लिम महिला रेजिडेंट को हिजाब पहनने से रोक दिया था, जिस पर विधायक ने कहा कि डॉक्टर ने कोई गलत काम नहीं किया है।
अस्पताल और स्कूल में धार्मिक एंगल अनुचित
विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि अस्पताल और स्कूल जैसी जगहों को धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार अस्पताल में हिजाब पहनना उचित नहीं है। बालमुकुंद ने चेतावनी दी कि हिजाब की आड़ में कोई भी मरीज को गलत इंजेक्शन या दवा दे सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अवसरों पर अस्पताल में बच्चा चोरी जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं।
मुस्लिम महिला डॉक्टर को नसीहत
विधायक ने मुस्लिम महिला रेजिडेंट डॉक्टर को नसीहत दी कि अगर हिजाब पहनना जरूरी है, तो उन्हें मेडिकल फील्ड से अलग कोई काम करना चाहिए। बालमुकुंद ने बताया कि जयपुर के एक स्कूल में भी इसी तरह का मामला पहले सामने आ चुका है। उनका कहना है कि अस्पतालों और स्कूलों में सियासी या धार्मिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए।
कांग्रेस और बीजेपी दोनों का प्रदर्शन
बालमुकुंद आचार्य ने कांग्रेस के पहले किए प्रदर्शन को भी गलत ठहराया। उनके अनुसार, तुष्टिकरण की सियासत के चलते कांग्रेस ने मामले को धार्मिक और सियासी रंग दिया। वहीं, सोमवार (18 अगस्त) को बीजेपी ने भी प्रदर्शन किया और मुस्लिम रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बालमुकुंद ने स्पष्ट कहा कि आरोपी महिला डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और उन्होंने उनका पूर्ण समर्थन किया।





