सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- हमारा बजट महिला, युवा, मजदूर, किसान सहित अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण को समर्पित

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार करने के क्रम में बजट में 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो 2023-24 से 35 प्रतिशत अधिक है।
Rajasthan Budget CM Bhajanlal Sharma

Rajasthan Budget CM Bhajanlal Sharma

राजस्थान की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने आज विधानसभा में राज्य बजट 2026-27 प्रस्तुत किया , वर्ष 2026-27 के बजट का आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2023-24 के बजट की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। बजट की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बजट राजस्थान के समग्र एवं सतत विकास को सुनिश्चित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट तेज आर्थिक विकास, लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं पर खरा उतरने और सबका साथ सबका विकास के तीन कर्तव्यों को सर्वाेपरि रखते हुए बनाया गया है। यह बजट 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति हमारे कर्तव्यों का दस्तावेज है।

मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में कहा कि अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य तिथि के दिन आया यह बजट महिला, युवा, मजदूर, वंचित, किसान सहित अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण को समर्पित है। उन्होंने कहा कि बजट में आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण सहित बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजस्थान विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट का आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2023-24 के बजट की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है।

10 स्तम्भों पर आधारित हमारा बजट

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि बजट 2026-27 अवसंरचना का विस्तार, नागरिक सुविधाओं से गुणवत्तायुक्त जीवन स्तर में वृद्धि, औद्योगिक विकास एवं निवेश को प्रोत्साहन, मानव संसाधन का सशक्तीकरण, सुदृढ़ सामाजिक सुरक्षा प्रणाली, पर्यटन, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर, सुशासन एवं डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास एवं किसानों का कल्याण, हरित विकास एवं पर्यावरणीय सततता और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मजबूत स्तम्भों पर आधारित है।

प्रतिव्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपये से अधिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार आया है। इस बजट के अनुमान अनुसार राज्य की जीएसडीपी 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये होना संभावित है, जो 2023-24 से लगभग 41 प्रतिशत अधिक है। वहीं, प्रति व्यक्ति आय पहली बार 2 लाख 2 हजार 349 रुपये होना संभावित है, जो 2023-24 से 21.15 प्रतिशत अधिक है।

आरएसटीए से परीक्षाओं में पारदर्शिता होगी सुनिश्चित

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के बेहतर आयोजन के लिए बजट में राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की घोषणा की गई है। इसके अंतर्गत ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से परीक्षाओं का आयोजन पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को निरंतर रोजगार प्रदान कर रही है। 5 साल में 4 लाख नौकरियों के संकल्प को पूरा करने के क्रम में अब तक 1 लाख से अधिक को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी है। 1 लाख 54 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है तथा 1 लाख का भर्ती कैलेण्डर जारी किया है। वहीं, निजी क्षेत्र में 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए हैं।

वीबी जी राम जी में 4 हजार करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में वीबी जी राम जी योजना के लिए 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 76 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 900 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी की गई है। यमुना जल को शेखावाटी क्षेत्र तक लाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपये के कार्य शुरू होंगे। रामजल सेतु लिंक परियोजना में 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। सभी जिला मुख्यालयों पर नमो नर्सरी, पंचायत स्तर पर नमो पार्क और 16 जिलों में ऑक्सीजोन स्थापित किए जाएंगे।

शिक्षा के लिए 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान

सीएम शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार करने के क्रम में बजट में 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो 2023-24 से 35 प्रतिशत अधिक है। 400 स्कूल को सीएम राइज विद्यालयों के रूप में क्रमोन्नत भी किया जाएगा, जिसके लिए 1000 करोड़ रूपये का प्रावधान है। वहीं, जयपुर के जे.के. लोन अस्पताल में 500 बैड क्षमता के आईपीडी टावर तथा आरयूएचएस में 200 बैड के पीडियाट्रिक आईपीडी का प्रावधान किया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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