
20 अगस्त की देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में कर्नल सोनाराम चौधरी का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि एक मीटिंग के दौरान उन्हें सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टर उन्हें नहीं बचा सके।
अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार की तैयारी
उनकी पार्थिव देह 21 अगस्त को सुबह 11:30 बजे उत्तरलाई एयरबेस (बाड़मेर) लाई जाएगी। इसके बाद अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मोहनगढ़ में किया जाएगा। पश्चिमी राजस्थान में उनके निधन की खबर से शोक की लहर है।
सैन्य सेवा में वीरता और योगदान
1966 में सेना में भर्ती हुए और इंजीनियर्स कोर में कर्नल पद तक पहुंचे। 1971 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने पूर्वी मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वीरता के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया गया।
राजनीतिक करियर की प्रमुख झलकियां
सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में कदम रखा। 1996, 1998, 1999 और 2014 में बाड़मेर-जैसलमेर से लोकसभा सांसद रहे। 2008-2013 तक बायतू से कांग्रेस विधायक रहे। बाद में भाजपा में शामिल होकर 2023 में गुड़ामालानी सीट से चुनाव लड़ा।
नेताओं ने जताया शोक
बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, कांग्रेस विधायक हेमाराम चौधरी और कई अन्य नेता अस्पताल पहुंचे। सभी ने उनके परिवार को सांत्वना दी और कहा कि उनकी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी।
